वर्ल्ड अर्थ डे पर कार्यशाला व सेमिनार आयोजित कर दिये जा रहे संरक्षण का संदेश
चंडीगढ़: 24 अप्रैल:- बीरबल शर्मा/अनिल शारदा मिट्ठू:– आधुनिक परिवेश में मानवीय संवेदना शून्य हो रही हैं। पर्यावरण संरक्षण कागजों में ही सिमटकर रह गया है। वास्तविकता का परित्याग करना ही भौतिक जीवन के लिए काल रुपी ग्रास बन गया है। इन्हीं गायक परिस्थितियों से निपटने में क्या करें को लेकर आज सभी ओर हुंकार भरी…

