माँ सरस्वती पूजा उत्सव बढ़ी धूम धाम से मनाया गया ” राजेश चौधरी

पूर्वांचल विकास महासंघ ने माँ सरस्वती पूजा उत्सव बढ़ी धूमधाम से मनाया : राजेश चौधरी  चंडीगढ़  : 22 जनवरी ; अल्फ़ा न्यूज इंडिया /अजितझा ;—-स्थानीय गाँव  बहलाना में माँ सरस्वती पूजा उत्सव का आयोजन किया गया  ।  सुबह माँ सरस्वती पूजा की गयी ! बाद में अटूट  भंडारा का आयोजन  भी किया ।  शाम को जागरण कराया गया…

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शहरवासियों ने शारदा माँ की वंदना की,मंदिरों में जयजयकार, सब को दीं शुभकामनायें

शहरवासियों ने शारदा माँ की वंदना की,मंदिरों में जयजयकार, सब को दीं शुभकामनायें  चंडीगढ़ ; 22 जनवरी ; आरके शर्मा विक्र्मा /एनके धीमान ;—-आया बसंत पाला उडंत ……. जी हाँ प्राचीन काल से ये किंदवंती है कि ऋतुराज बसंत के आने से पाले के पड़ने की समूची भविष्यगत संभावना समाप्त सी हो जाती है ! बसंत…

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दंडी आश्रम में धूमधाम से मनी बसन्त पंचमी,प्राचीन परम्पराओं का हुआ निर्वहन

दंडी आश्रम में धूमधाम से मनी बसन्त पंचमी,प्राचीन परम्पराओं का हुआ निर्वहन  चंडीगढ़ /कुरुक्षेत्र : आरके शर्मा विक्रम  / राकेश शर्मा/ अल्फ़ा न्यूज इंडिया ;——  ज्ञान की देवी मां शारदा की प्रार्थना का पर्व बसंत पचंमी सोमवार स्थाणु तीर्थ स्थित श्री अद्वैत विज्ञान मठ दंडी आश्रम में भव्य ढंग से मनाया गया। जहाँ हवन यज्ञ कर माँ शारदा से…

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भक्त समर्पण भावना से सेवा करता है -निरंकारी सद्गुरु माता जी

चण्डीगढ :  15 जनवरी : आरके शर्मा विक्रमा /एनके धीमान :—–  भक्ति उन्हीं की सफल होती है, ‘जो बिना कोई किंतु या परंतु किए‘ गुरू के हर वचन को मानते हैं।केवल सेवा करना ही उनके जीवन का मकसद होता है। भक्त कितना भी परिपूर्ण हो, वो हमेशा एक स्कूल के विद्यार्थी की तरह सीखनेकी भावना रखता है। चण्डीगढ ब्रांच के संयोजक श्री नवनीत पाठक जी ने बताया कि यह उद्गार सद्गुरू माता सविंदर हरदेव जी महाराज ने समालखा स्थितनिरंकारी आध्यात्मिक परिसर में आयोजित ‘भक्ति पर्व‘ समागम में पहुंचे लाखों श्रद्वालुओं को संबोधन करते हुए कहे। उन्होंने कहा किभक्त में समर्पण भाव तभी आता है, जब भक्त निरंकार का आधार लेता है। सद्गुरु माता जी कहा कि जिसमें दूसरों को सिखाने की प्रवृति अधिक होती है, उसके पास स्वयं सीखने का समय कम होता है। इसलिएहमें केवल बोलने तक सीमित नहीं रहकर, उन गुणों को अपने कर्मों में अपनाना चाहिए। आज जरूरत स्वयं में ‘कान्फीडैंस‘ लाने कीनही, बल्कि ‘गॉडफीडैंस‘ लाने की है। सद्गुरू माता जी ने  आगे कहा कि निरंकारी आध्यात्मिक परिसर की योजना स्वयं बाबा हरदेव सिंह जी ने बनाई थी। बेशक अंग्रेजीभाषा में आज इस स्थान पर हुई शुरूआत को ग्राउंड ब्रेकिंग कहा जाएगा परंतु संतो ंके नजरिए से आध्यात्मिक जगत के प्रारूप कीशुरूआत है। आज जिस स्थान पर हम बैठे हैं इसका नाम ‘समालखा‘ है जो संभालने का संदेश देता है, जिसका भाव सद्गुरू की शिक्षाओंको संभाल कर रखना है। उन्होंने पुरातन महात्मा पापा रामचंद जी, संत लाभ सिंह जी, संत संतोख सिंह जी के मिशन को दिए योगदान व अन्थक सेवाओं कोयाद करते हुए कहा कि आज मिशन जिस मुकाम पर पहुंचा है, उसमें अनेकों गणमान्य संतों महात्माओं का सहयोग रहा है। भक्ति पर्वउन सबकी शिक्षाओं व सेवाओं को समर्पित दिवस है।

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चौक चौराहों पर चार रोजा दुकानदारी से लगेगा निगम और प्रशासन को लाखों का फ़टका

चौक चौराहों पर चार रोजा दुकानदारी से लगेगा निगम और प्रशासन को लाखों का फ़टका  चंडीगढ़ ; 11 जनवरी ; आरके शर्मा विक्रमा /करणशर्मा /एनके धीमान  ;—–जब कमाऊ पूत अपनी कमाई जेब में डाले और बाप की कमाई को पाप की कमाई समझ के हड़प जाये तो क्या कहना ! आजकल शहर कड़कती सर्दियों के गर्म…

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बादल सर्वपर्थम सिख की परिभाषा पर अपना पक्ष करें स्पष्ट ; डॉ रानू

सुखबीर बादल संसद में सिक्ख धरम को आजाद हस्ती का दर्जा दिलाने से पहलेसिक्ख की परिभाषा पर अपना पक्ष स्पष्ट करे –डॉ . रानू   शिरोमणि समिति एवम अकाल तक्खत साहिब तो रेहत मर्यादा अनुसार सिर्फ अमृतधारी को ही सिक्ख मानते है I संघ के दिशानिर्देश पर सिक्ख धर्म को कमजोर करने की कार्यवाहिया कर रहा है अकाली दल  I चंडीगढ़ ; 10 जनवरी ; अल्फ़ा न्यूज इंडिया ;——–धान की धरा २५ (२) क्लॉज़ बी में संशोधन कर के सिक्ख धर्म को एक आज़ाद हस्ती का ख़िताब दिलाने की  बात जो शिरोमणिअकालीदल के प्रधान सुखबीर बादल ने कही है बहुत ही प्रशंसनीय है परन्तु इस से पहले  अकालीदल सिक्ख की परिभाषा पर अपना पक्षस्पास्ट करे के वह सिक्ख किसे मानते है कियो के शिरोमणि  गुरुद्वारे समिति की 1936 [ १९३६]  की रहत मर्यादा जिसे श्री अकाल तख़्त साहिबने 1945 [१९४५] में मान्यता दी है! उसके अनुसार सिर्फ दसवे गुरु साहिब के अमृतपान करने वाला ही सिक्ख है I यह भी सच है के अकाली दल पंथिक पार्टी होने की वजह से अपने आप को अकाल तख़्त और शिरोमणि कमेटी से अलग नहीं कर  सकता और उसे उन्ही द्वारा दी गयी परिभाषा को ही मानना पड़ेगा I इस तरह करने से २ करोड़ सिक्खो में से सिर्फ 25 [२५] लाख जो अमृतधारी है, वही सिख  कहलावेगे और सरे सेहजधारि , केशधारी गुरसिख जिन्होंने अमृतपान नहीं किया !

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–तब आशा बीरबल शर्मा ने समूचे शरीर का दान फार्म भरा था जब ….

 –तब आशा बीरबल शर्मा ने समूचे शरीर का दान फार्म भरा था जब ….  चंडीगढ़ ; आरके शर्मा विक्रमा/मोनिका शर्मा ;——जब ये शरीर मिटटी ही होना है तो इससे तो लाख गुना अच्छा ये है रहेगा ये किसी इंसान का जीवन बचाने के काम आये और उस शख्स का जीवन और परिवार भी चलता पलता…

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उर्दू में गीता के संस्कृत श्लोक अनुवादक अनवर जलालपुरी को दी श्रद्धांजलि

उर्दू में गीता के संस्कृत  श्लोक अनुवादक अनवर जलालपुरी को दी श्रद्धांजलि   चंडीगढ़ ; 6 जनवरी ; आरके शर्मा विक्रमा /करणशर्मा /एनके धीमान ;—–साहित्यिक पिपासु किसी धर्म नस्ल जाति और सरहदों के दायरों म नहीं सिमटते हैं ! खासकरके जिस मानस ने भगवान के स्वरूप और आविर्भाव के मूल का ज्ञान प् लिया है वह समाज…

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नेल्लू फूल खिलता है चौदह साल के बाद

नेल्लू फूल खिलता है चौदह साल के बाद,रुद्राक्ष एकमुखी खिलता बारह वर्षों बाद  चंडीगढ़ ; 5 जनवरी ; आरके शर्मा विक्रमा ;—-प्रकृति भगवान की देन है तभी तो इसका पार बे अथाह है ! ये वो भेद शून्य है जिसके लिए सोच का दायरा भी असीमित होकर भी जीरो है ! भगवान को पाया जा…

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प्रीत-प्यार सहनशीलता की भावना के साथ सकारात्मक परिवर्तन की ओर बढ़ें : निरंकारी सद्गुरु माता सविन्दर हरदेव जी

प्रीत-प्यार सहनशीलता की भावना के साथ सकारात्मक परिवर्तन की ओर बढ़ें : निरंकारी सद्गुरु माता सविन्दर हरदेव जी  चंडीगढ़ : 1जनवरी : आरके शर्मा विक्रमा /मोनिका शर्मा ;— नव वर्ष के शुभ आगमन पर हम एक दूसरे को प्रीत-प्यार, सहनशीलता तथा सत्कार वाले उपहार भी देना शुरु करें !    और अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन…

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