मौसम बदलाव में अपनी त्वचा का रखें ख्याल कैसे बता रहे वैद्य कौशल

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चंडीगढ़ मंगलवार 17/7/2026 आर के विक्रमा शर्मा अनिल शारदा प्रस्तुति —-🌧️🍃 मानसून (जुलाई से सितंबर) में
एलर्जी का हमला…
सावधान रहें,
सुरक्षित रहें! 🍃🌧️

✍️ आज की प्रेरणादायक पंक्तियाँ…

“बारिश की हर बूंद
जीवन का संदेश लाती है,
लेकिन थोड़ी-सी लापरवाही,
कई परेशानियाँ साथ लाती है।
प्रकृति से प्यार कीजिए,
पर सावधानी का साथ मत छोड़िए,
क्योंकि स्वस्थ शरीर ही
जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है।”
🌿
बारिश का मौसम जितना मनमोहक होता है, उतना ही संवेदनशील भी। इस मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे फफूंद (मोल्ड), धूल-कण, परागकण, बैक्टीरिया और मच्छरों का प्रभाव बढ़ सकता है। यही कारण है कि जिन लोगों को एलर्जी की प्रवृत्ति होती है, उन्हें मानसून में अधिक परेशानी हो सकती है।

🌿 मानसून में होने वाली प्रमुख एलर्जी

🤧 1. श्वसन एलर्जी (Respiratory Allergy)

इसके कारण बार-बार छींक आना, नाक बहना, नाक बंद होना, गले में खुजली, खांसी या सांस लेने में तकलीफ़ जैसी शिकायतें हो सकती हैं। अस्थमा से पीड़ित लोगों के लक्षण भी इस मौसम में बढ़ सकते हैं।

👁️ 2. आँखों की एलर्जी

आँखों में लालपन, खुजली, पानी आना या जलन होना आम समस्या है। गंदे हाथों से आँखें रगड़ने से परेशानी और बढ़ सकती है।

🦶 3. त्वचा की एलर्जी और फंगल संक्रमण

अधिक नमी, भीगे कपड़े और पसीना त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते, दाद या फंगल संक्रमण का कारण बन सकते हैं। पैरों की उंगलियों के बीच संक्रमण भी मानसून में अक्सर देखा जाता है।

🍲 4. खाद्य एलर्जी और पाचन संबंधी समस्याएँ

इस मौसम में दूषित भोजन और पानी के कारण पेट की तकलीफ़, दस्त या फूड पॉइज़निंग का खतरा बढ़ जाता है। कुछ लोगों में कुछ खाद्य पदार्थ एलर्जी जैसी प्रतिक्रिया भी पैदा कर सकते हैं।

🦟 5. कीट या मच्छर के काटने से होने वाली एलर्जी

कुछ लोगों में मच्छर या अन्य कीट के काटने पर अधिक सूजन, खुजली या एलर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती है।

🌿 कैसे करें बचाव?

✅ घर में नमी और फफूंद न बनने दें।
✅ भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनें।
✅ पैरों को अच्छी तरह धोकर और सुखाकर रखें।
✅ साफ़, ताज़ा और गरम भोजन करें।
✅ शुद्ध या उबला हुआ पानी पिएँ।
✅ घर की नियमित सफाई करें ताकि धूल और फफूंद कम रहें।
✅ मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएँ और पानी जमा न होने दें।
✅ जिन लोगों को पहले से एलर्जी या अस्थमा है, वे अपनी चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवाएँ नियमित लेते रहें।

🌿 प्राकृतिक रूप से प्रतिरक्षा का ध्यान रखें

🥗 मौसमी फल और हरी सब्जियाँ खाएँ।
🍋 विटामिन C युक्त खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करें।
💧 पर्याप्त पानी पिएँ।
😴 अच्छी नींद लें और तनाव कम रखें।
🚶 प्रतिदिन हल्की शारीरिक गतिविधि करें।

🌱 यदि आप किसी प्राकृतिक पोषण पूरक का उपयोग करना चाहते हैं, तो वह संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के साथ लिया जाना चाहिए। यह किसी चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं है।

🌹 आज की शायरी…

“बीमारी मौसम से नहीं,
हमारी लापरवाही से बढ़ती है।
जो समय रहते संभल जाए,
उसके घर में सेहत ही खिलती है।
🌿
बारिश का आनंद भी लीजिए,
लेकिन स्वास्थ्य का ध्यान भी रखिए,
क्योंकि खुशियों का हर मौसम,
स्वस्थ शरीर के साथ ही सुंदर लगता है।
❤️
🙏 स्वस्थ रहें

  • जागरूक रहें
  • दूसरों को भी जागरूक करें। — नेचुरोपैथ कौशल
    📞 9896076323
    9215522667
    🩺 निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श: प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक

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