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चंडीगढ़ शुक्रवार 26-06-2026 रक्षत शर्मा अनिल शारदा —–चंडीगढ़ प्रशासन को स्पष्ट करना जरूरी हो गया था कि 26 जून 2026 (शुक्रवार) को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने संबंधी सोशल मीडिया पर प्रसारित आदेश पूरी तरह फर्जी है। स्थानीय प्रशासन ने सरकारी कर्मचारियों से ऐसी भ्रामक मिथ्या अफवाहों पर सूचनाओं पर विश्वास न करने की अपील की है। प्रशासन के गृह विभाग द्वारा 25 जून को जारी की गई सूचना में कहा गया है कि विभिन्न वॉट्सएप समूहों में एक कथित अधिसूचना प्रसारित की जा रही है। जिसके अनुसार शुक्रवार 26 जून को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने का दावा किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया कि चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से इस प्रकार का कोई आदेश जारी ही नहीं किया गया। प्रशासन के आदेश अनुसार 26 जून को कोई सार्वजनिक अवकाश नहीं है। और सभी सरकारी कार्यालय, बोर्ड, निगम तथा अन्य संस्थान सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे। यह स्पष्टीकरण गृह सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से जारी किया गया है और सभी विभागाध्यक्षों, बोर्डों, निगमों तथा संस्थानों को इसकी जानकारी भेजी गई है। तो आज शुक्रवार 26 जून को सभी सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति दर्ज की गईं। लेकिन सरकारी कर्मचारियों को सोमवार 29 जून को कबीर जयंती की छुट्टी पर सरकारी घोषणा होने की आखिर तक इंतजार बनी रही। सरकारी कर्मियों को सारा दिन छुट्टी के लिए यहां वहां पता करने के लिए भटकते देखा गया। सरकारी काम भी प्रभावित हुए। सरकारी कर्मचारी छुट्टी के लिए आतुरता और व्याकुलता से प्रतीक्षा करते रहे। लेकिन आखिर तक और खबर लिखे जाने तक 29 जून सोमवार को किसी प्रकार की सरकारी अवकाश होने की कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया। और लोग मुरझाए चेहरे लेकर घरों की सम्मत छुट्टी के बाद निराश जाते दिखाई दिए। सरकारी कर्मचारी शनिवार इतवार की छुट्टी होने के साथ साथ सोमवार को छुट्टी घोषित होने का इंतजार करते रहे । ताकि वीक एंड पर तीन दिन कहीं आउटिंग की जा सके और फैमिली के साथ भी टाइम स्पेंड किया जा सके।। कई लोगों को विश्वास था कि 29जून कबीर जयंती का अवकाश घोषित किया ही जाएगा। लेकिन सरकारी कर्मचारियों ने अभी तक उम्मीद की डोर ढीली नहीं पड़ने दी है। भरपूर सकारात्मक आशा लिए हैं कि सोमवार को हर सूरते हाल सरकारी छुट्टी घोषित की जाएगी।। 29 जून सोमवार को शुक्ल पक्ष की कोजागरी व्रत व सत्य व्रत व पूर्णिमा सहित वट सावित्री व्रत और कबीर जयंती है। कबीर जयंती पर सरकारी अवकाश घोषित न किए जाने से कबीरपंथी समाज में भारी रोष और असमंजस देखा जा रहा है। प्रशासन की इस अनदेखी को कबीरपंथी संदेह व पक्षपात की नजर से देख रहे हैं।


