अल्का को चोर ने समझा हल्का मोटर चुराई फिर की सेंध पब्लिक ने दबोचा किया पुलिस हवाले

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चंडीगढ़ सोमवार 3 अगस्त 2026 अनिल शारदा पंकज राजपूत —- चंडीगढ़ पुलिस की आजकल चारों तरफ खूब किरकिरी हो रही है। समाचार पत्रों की सुर्खियोंके मुताबिक़ हर मोर्चे पर पुलिस नौसीखिए साबित हो रही है। चंडीगढ़ में अपराधों विशेष कर कत्लेआमों के ग्राफ़ में भारी इजाफा पुलिस की मुस्तैदी पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। सेक्टर 22 में आज दिनदहाड़े चोरियों का आलम है। नशेड़ी कहे जानेवाले आवारा लड़के ग्रुप में घरोंकी दिन भर एक ही करके मौका लगते ही कीमती सामान चुराकर फरार हो रहे हैं। पुलिस के कुछ ना कर अपने को लेकर पीड़ित लोग पुलिस थाने और पुलिस चौकी में जाने से भी कतराते हैं और पेस कीमती सामान चोरी होने के बावजूद भी कंप्लेंट दर्ज नहीं करवाते हैं उन्हें मालूम है कि पुलिस उनके ही चक्कर कटवाएगी और हाथ कुछ नहीं लगेगा। वाइस सिटी में पिछले महीने 3920 नंबर में से एक एक बहुत ही कीमती साइकिल दिन-दहाड़े चोरी कर ली गई थी। जुलाई महीने की आखिरी सप्ताह में मकान नंबर 3975 से ऑलटो k10 की नई स्टेपनी और हेलमेट सहित अन्य घरेलू सामान आंगन से ही चोरी कर लिया गया। और अब अगस्त के पहले ही दिन भाई सी की कोठी नंबर 2147से दिनदहाड़े तीन चोरों ने पानी की ₹5000 की कीमत वाली मोटर चुरा ली। इस बार जाट को सुबह अंजाम दिया गया। चोरों की हिम्मत देखिए की शाम को फिर इसी कोठी में सेंड मेरी की गई लेकिन सामनेवाली में रहने वाले मालिकने उन्हें देखते ही ललकार तीनों भाग खड़े हुए। मोहल्ले भरमे शोर मचा तू सब ने उनका पीछा किया और मूनलाइट पार्क में एक को दर्द ऊंचा और तो वह फरार होने में कामयाब रहे पकड़े गए चोरने पानी की चुराई गई मोटर राहुल के घर होने की बात स्वीकार की और अन्य चोरी का सामान राहुल के घर होने की बात कही।। पीड़िता अलका 2147 निवासी ने 112 पर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने आकर चोर को अपने कब्जे में लिया और पुलिस चौकी ले गए। पीड़िता ने पुलिस को लिखती कंप्लेंट दर्ज करवाई। लोगोंको उम्मीद जगी है कि अब उनका चोरी हुआ सामान भी पुलिस बरामद करके और उनके सुपुर्द करेगी। खबर लिखे जाने तक तो ऐसी कोई कार्यवाही सामने नहीं आई है। चोरी करने वाले नशेड़ियों के गिरोह डडू माजरा और मलोया सेक्टर 25 कॉलोनी आदि से सक्रिय बताई जा रहे हैं। इन लोगों का पीछा करने पर यह छुरेबाजी करते हैं। लोगोंको मानना है कि अब चोरों को खुद सजा देनी होगी । ताकि उनका जान माल सुरक्षित रह सके पुलिस के सहारे रहने का मतलब अपनी मौत को बुलावा देना है। यह भी कड़वा सच है कि जब पुलिस इन चोरों से निपट्टी है तो पब्लिक उनके साथ नहीं देती है और अकेले पढ़ने पर पुलिसकर्मियों को चोरों को नशेड़ियों ने कई बार जख्मी किया है। पब्लिक को चाहिए कि पुलिस का हर कदम साथ दिया जाए ताकि चोर उचक्के नशेड़ियों उठाई गिरों से सुरक्षा बनी रहे।। यह भी मालूम पड़ा है कि लोग पुलिस में रक्त दर्ज ही नहीं करवाते हैं जिससे पुलिस को अपनी कार्यवाही करने में दिक्कत पेश आती है।।

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