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🇮🇳 पीठ पर गोलियों के टुकड़े लगे… फिर भी रेंगते हुए दुश्मन के ठिकाने तक पहुंचे और उसके टॉप कमांडर को ढेर कर दिया। 🔥🇮🇳चंडीगढ सोमवार 17/08/2026 आरके विक्रमा शर्मा रक्षत शर्मा अनिल शारदा ——–ये कहानी है मेजर आदित्य प्रताप सिंह, SC, SM की—जिन्होंने 5 जुलाई 2025 को भारत-म्यांमार सीमा पर बेहद कठिन और घने जंगल वाले इलाके में अपनी टीम का नेतृत्व किया। सुबह करीब 4:45 बजे उनकी पेट्रोलिंग टीम पर उग्रवादियों ने अचानक भारी ऑटोमैटिक फायर और ग्रेनेड से हमला कर दिया। अपने स्काउट को खतरे में देखकर मेजर आदित्य ने बिजली की तेजी से उसे कवर में खींच लिया। इसी दौरान दुश्मन की गोली उनके बैकपैक को छूकर निकल गई।इसके बावजूद वे पीछे नहीं हटे। भारी गोलीबारी के बीच घायल होने के बाद भी वे रेंगते हुए आगे बढ़े और सीधे उग्रवादियों के गढ़ की ओर बढ़ गए। 💥 उन्होंने ग्रेनेड फेंका और सटीक फायरिंग करते हुए एक हाई-प्रोफाइल उग्रवादी संगठन के सबसे वांछित टॉप ऑपरेशनल कमांडर को नज़दीकी लड़ाई में ढेर कर दिया। साथ ही भारी मात्रा में युद्ध सामग्री बरामद की गई। उनके अदम्य साहस और कर्तव्य से कहीं आगे जाकर दिखाई गई वीरता के लिए मेजर आदित्य प्रताप सिंह को “बार टू शौर्य चक्र” से सम्मानित किया गया है। 🎖️🇮🇳पहले शौर्य चक्र… अब उसी वीरता के लिए फिर से शौर्य चक्र। 🔥भारत माता के इस वीर सपूत को सलाम। 🙏🇮🇳जय हिंद। 🇮🇳 वंदेमातरम…।


