भगवान श्री राम का आदर्श मर्यादित पुरुषोत्तम व्यक्तित्व का भान है रामायण:- पंडित कृष्ण मेहता
चंडीगढ़ 2 अक्टूबर आर के विक्रम शर्मा करण शर्मा प्रस्तुति:— समग्र सृष्टि में रामायण से बड़ा कोई भी महाकाव्य नहीं है जो युग युगांतर जन्मों का परिष्कृत स्वरूप का निर्माण करने की आदर्श कला सिखाता हो रामायण में राम जी ने जीवन को सही मायने में सही दिशा निर्देशों मुताबिक जीने की अद्भुत समर्थ्य और…

