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चंडीगढ जयपुर मंगलवार 21/10/2026 आरके विक्रमा शर्मा रक्षत शर्मा एडवोकेट विनीता शर्मा प्रस्तुति—-आजकल कब्ज एक बहुत बङी बिमारी हो गई है । जब खाया पिया पचता ही नही , पेट के अंदर पङा पङा सङता रहता है , उस जमी हुई गंदगी के कारण, पेट दर्द, अफारा , एसीडिटी , खट्टी डकार, मुंह से बदबु, भूख कम लगना, जैसी बिमारी ज्यादा होती है । कब्ज नाशक व हाजमा के लिए , मेरा 30 साल का अनुभव , हजारो रोगियो पर आजमाया हुआ , 99% सफल योग । सनाय 100 ग्राम, सौंफ 100 ग्राम, अनार दाना सुखा 100 ग्राम, मुलेठी साबुत 100 ग्राम, सहजन के पत्ते 100 ग्राम, गुलाब के फूल 100 ग्राम, सफेद जीरा 100 ग्राम, खुरासनी अजवायन 100 ग्राम , इन सबको एक किलो कङवा तुम्बा, जिसे इन्द्रायण कहते है ,के रस मे 7 दिन तक डुबोकर रखना है ,बर्तन मिट्टी , चिनी मिट्टी, या काच का होना चाहिए,7 दिन बाद कपङे से छानकर, कपङे पर पर फैलाकर धूप मे सुखाना है , अगर रात मे चांद कि चांदनी हो तब भी बाहर हि रखना है, चांद कि चांदनी मे भी औषधीय गुण होते है । धूप सही होगी तब दो तीन दिन मे सूख जाऐगा। अगर कङवा तुम्बा ताजा न मिले तब इसकी सुखी गिरी 100 ग्राम मिला लेवे । अब 100 ग्राम शुद्ध गंधक लेनी है , गंधक को पीसकर किसी कङाई मे डालकर शुद्ध घी इतना डाले कि गंधक उसमे डूब जाऐ , चुल्हे पर कङाई रखकर गर्म करे व बङी चमच से हिलाते रहे , जब दोनो आपस मे मिल जाऐ और हलुवे कि तरह बन जाऐ तब आधा किलो ठंडे व कच्चे दूध मे डाल देवे , यह गंधक वापस एक डली बन जाऐगी , इसे सुखाकर महीन पीसकर रख लेवे , पीपरमेन्ट 20 ग्राम भी इसके साथ कुट पीसकर रख लेवे ।( घी व दूध किसी कम्पनी का न हो , विश्वास पात्र व्यक्ति से लेवे, और काम मे लिऐ घी व दुध का प्रयोग न करे उसे नष्ट कर देवे । उपर लिखित सभी जङी बुंटी को कुटकर चुर्ण बना लेवे । औषधी कुटने के लिए लोहे के हमाम दस्ते या पत्थर व लकङी कि औखली मुसल का प्रयोग करे , मिक्सी का प्रयोग कम से कम करे , मिक्सी को 1 मिनट चलाकर 5 मिनट बन्द रखे , लगातार चलाने से औषधी गर्म हो जाती है , जिससे औषधी के गुण कम हो जाते है । सभी औषधियो को कुट पीसकर उसमे शुद्ध गंधक व पीपरमेट मिला लेवे , अब इसे तौलकर इसके बराबर मात्रा मे कुंजा मिश्री या धागा मिश्री पीसकर तीन बार छानकर मिला लेवे । आपका कब्ज नाशक व हाजमा चुर्ण तैयार हो गया है । हर शरीर कि रचना व पाचन शक्ति अलग अलग होती है , इसलिए सबके लिए सामान मात्रा सही नही है । कब्ज को छौङकर अन्य रोग मे एक एक चमच शाम को खाना खाने के आधे घंटे बाद गुनगुने पानी के साथ लेवे । कब्ज के लिए पहले दिन शाम को खाना खाने के आधा घंटे बाद एक चमच चुर्ण गुनगुने पानी के साथ लेवे । और इसके बाद एक दो चमच सौफ को खूब चबा चबाकर मुंह मे सौफ का पानी बनाकर ही धीरे धीरे निंगल जाऐ , उपर से एक दो घूंट गुनगुना पानी पीऐ , दवाई लेने के एक घंटे बाद तक ठंडा पानी नही पीना है । अगर सुबह पेट साफ हो जाऐ तब इतनी ही मात्रा चार पांच दिन लगातार लेवे , फिर चुर्ण थोङा थोङा कम करते जाऐ , फिर कभी जरूरत पङने पर लेते रहे , अगर पेट सही हो तब भी महिने मे एक दो बार लेते रहे । दस दिन मे ऑत व पेट एकदम साफ हो जाता है , फिर लगभग किसी को रोजाना लेने कि जरूरत नही होगी ।अगर सुबह पेट साफ न हो तब मात्रा थोङी थोङी बढाते जाऐ । एक कि जगह दुसरे दिन दो चमच , फिर भी असर न हो तब तीसरे दिन तीन चमच चुर्ण लेवे , चार चमच से ज्यादा चुर्ण न लेवे ।पुरा विवरण लिख दिया है , प्रक्रति ने शरीर के अंदर कई मीटर लम्बाई कि ऑत बनाई है , उस ऑत कि भी सफाई होनी जरूरी है । फिर भी कुछ समझ न आऐ तब मोबाइल नम्बर 9982489022 पर व्हाटस अप करे । पता मै एक किसान हूं गाँव मुन्सरी तहसील. नोहर जिला. हनुमान गढ राजस्थान । मै चुर्ण का बिजनेस नही करता हूं , मै घर पर भी बनाता हूं , जब 5-7 चुर्ण लेने वाले तैयार होते है , उनसे सामान मंगवाकर बनाकर देता हूं । इसका खर्च 1200 रूपए किलो के आसपास आता है । घर आऐ को 50 ग्राम का सैम्पल दे देता हूं ।

