मंजिल होती है, रास्ता होता है, तय तभी होता है जब किसी का किसी से कोई वास्ता होता है :–पंडित रामकृष्ण शर्मा
चंडीगढ़: 13 मई:- आरके शर्मा विक्रमा/ करण शर्मा:– जिस तरह का दुनिया में मुसीबतों का इंदौर चारों तरफ व्याप्त है! और उसकी मंजिल भी सामने नहीं है! उसका सफर भी ना मालूम कहां तक कब तक होगा! ऐसे दौर में पंडित रामकृष्ण शर्मा ने अपने छोटे से प्रयास से एक बहुत बड़ा रास्ता प्रशस्त किया…

