मंदिर में प्रवेश हेतु स्कंद पुराण में भी दिए गए हैं नियम और आचरण निर्देश
चंडीगढ़:- 8 जून:- आरके शर्मा विक्रमा/\ करण शर्मा:= जन्मदाता परमपिता परमेश्वर यूं तो हमारे दिमाग दिल व देह में विराजमान हैं। लेकिन नियम और अनुशासन को शाश्वत करने के लिए भगवान के पूजा अर्चना स्थलों की मंदिर के रूप में स्थापना की गई है। यह मंदिर के अंदर प्रवेश उतना ही पवित्र है जितना कि…

