ब्रह्मचारिणी मां की उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की वृद्धि होती: आचार्य विमल मिश्रा
चंडीगढ़/ वृंदावन :-27 सितंबर:- आरके विक्रमा शर्मा+ करण शर्मा /हरीश शर्मा प्रस्तुति:—- दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥ मां दुर्गा की नवशक्ति का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है। यहां ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है। मां दुर्गा का यह स्वरूप भक्तों और सिद्धों को अनंत फल देने वाला है। इनकी उपासना से तप, त्याग,…

