चेहरा भेद शून्य हो, पर कांतिमय होना चाहिए:- आरके विक्रमा शर्मा
चंडीगढ़:- 18 अगस्त:- अल्फा न्यूज़ इंडिया प्रस्तुति:-चेहरा भेेेेद शून्य होना चाहिए। आपके चेहरे के ऊपर आने जाने वाले भावों को कोई पढ़ भी ना सके। और चेहरा एक खुली किताब की माकिफ होना चाहिए। कि जीवन की सारी व्यथा सच्चाई के साथ अक्षरत पढ़ी जाए। किसी से कुछ भी ना छुपा हो। यह विचार कलमकार…

