महान् गुरु के महान् शिष्य* शिष्य स्वामी दयानंद जी
चंडीगढ़: 12 सितंबर: अल्फा न्यूज़ इंडिया डेस्क:–*एक शिष्य एक आदर्श गुरु की तलाश में भटकता-भटकता रात के २:०० बजे एक गुरु के द्वार पर पहुंचा।* *उसने द्वार पर दस्तक दी, दरवाजा खटखटाया। अन्दर से आवाज आई, “कोऽसि अर्थात कौन हो ?”* *शिष्य बोला, “न जानामि”। मैं नहीं जानता कि मैं कौन हूं ?* *अन्दर लेटे…

