भविष्य को संवारने, सजाने और शांत, सुरक्षित करने हेतु जरूर मनन करने की आवश्यकता
चंडीगढ़:31 दिसंबर: आरके विक्रमा शर्मा/करण शर्मा+ अनिल शारदा प्रस्तुति:— बड़ी ही सरल स्वाभाविक शब्दों में भविष्य को संवारने सजाने और शांत सुरक्षित करने हेतु जरूर मनन करने की आवश्यकता है।।। *गधे ने बाघ से कहा, ‘घास नीली है।’ बाघ ने कहा, ‘घास हरी है।’* *फिर दोनों के बीच चर्चा तेज हो गई। दोनों ही अपने-अपने…

