गुरु का सिख न्याय प्रिय कुशल प्रशासक थे महाराजा रणजीत सिंह
चंडीगढ़ 27 जून 25 आर विक्रमा शर्मा अनिल शारदा रक्षत शर्मा–+++ महाराजा रणजीत सिंह का नाम स्वर्ण अक्षरों में इसलिए दर्ज है कि वह गुरु का सच्चा सुच्चा और समूचा सिख थे। एक न्याय प्रिय राजा की तरह उन्होंने सबको एक आंख से देखते हुए सबको एक साथ लेकर चलते हुए सबके साथ एक जैसा…

