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चंडीगढ़ बुधवार 30 सितंबर 2026 आरके विक्रमा शर्मा+रक्षत शर्मा/अनिल शारदा —–ब्रह्मांडों के रचयिता भगवान शिव अपने आस्थावानों श्रद्धालुओं भक्तों को कभी सुख नीरोगता समृद्धि और खुशहाली सफलता सहित नाना प्रकार के भौतिक अलौकिक शक्ति तेज ऐश्वर्या की कमी नहीं आने देते हैं। जय श्री विष्णु भगवान जी के सहस्त्रनाम है। वैसे ही भगवान शिव के अनंत नाम है। भगवान को किसी भी नाम शब्द से सिमरन किया जाए तो भक्त वत्सल प्रभु तुरंत कासन का निवारण करते हैं। भगवान शिव के हर समय सिमरन और स्मरण किए जाने वाले तीन नाम कंठस्थ होने चाहिए। भगवान का नाम तो कभी भी किसी भी अवस्था में स्मरणीय है।

