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कैप्टेन पवन कुमार ने एक ऑपरेशन के दौरान मात्र 23 साल की उम्र में 3 आतंकियों को ढेर कर अपना सर्वोच बलिदान दिया है।जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पम्पोर में एक सरकारी इमारत में छिपे उग्रवादियों के खिलाफ अभियान में सेना के एक अधिकारी कैप्टन पवन कुमार महज 23 वर्ष की उम्र में शहीद हो गए।
अपने करियर में उन्होंने आतंकियों के खिलाफ जमकर लोहा भी लिया। शहीद पवन अब तक 3 आतंकियों को ढेर कर चुके थे और उनके परिवार को बेटे की शहादत पर गर्व है।
शहीद पवन कुमार के पिता राजबीर सिंह का कहना है कि मुझे मेरे बेटे की शहादत पर गर्व है। पवन हमेशा से ही आर्मी में जाना चाहता था उसका हमेशा से एक ही टारगेट था कि उसे आर्मी में जाना है।
बता दें कि जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले के पंपोर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान एक कैप्टन समेत 3 जवान शहीद हुए हैं जबकि 1 नागरिक की मौत हो गई है। वहीं इस हमले में सीआरपीएफ के 10 से ज्यादा जवान भी घायल हुए हैं।💐💐🇮🇳🇮🇳

