अध्यात्मिकता के बिना विश्व में भाईचारा असम्भव ;                                                                                                                            सी एल गुलाटी

Loading

चण्डीगढ़ ;28  फरवरी: आरके शर्मा विक्रमा ;—–आज हर देश द्वारा विश्व में आपसी भाईचारा स्थापित करने हेतु भरसक प्रयत्न किए जा रहे हैं लेकिन इसमें सफलता हासिल नहीं हो रही क्योंकि किसी भी समाज, देश या विश्व में आपसी भाईचारा, अमन, शान्ति स्थापित करने का केवल एक ही साधन है कि वहां रहने वाले इन्सानों में अध्यात्मिकता का प्रवेश हो, क्योंकि जब इन्सान के मन में यह प्रवेश कर जाती है तो उसका दृष्टिकोण बदल जाता है, उसके मन से दूसरों को दुख पहुंचाने वाले नाकारात्मक भाव समाप्त हो जाते हैं और वह प्यार व अमन से रहने लगता है, ये उद्गार आज यहां सैक्टर 30में स्थित सन्त निरंकारी सत्संग भवन में हुए विशाल सन्त समागम में हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए देहली से आए सन्त निरंकारी मण्डल के सचिव श्री सी एल गुलाटी जी ने व्यक्त किए ।

श्री गुलाटी ने धार्मिक ग्रन्थों का हवाला देते हुए कहा कि इन्सान के मन में अध्यात्मिकता के प्रवेश करने का हल केवल पूर्ण सत्गुरू की शरण में आए बिना सम्भव नहीं है । आज निरंकारी सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज द्वारा इन्सान को ब्रह्मज्ञान प्रदान कर यह जानकारी करवाई जा रही है कि जो परमात्मा का अंश आपके अन्दर है वही दूसरों के अन्दर है इसलिए किसी को दुख पहुंचाना स्वयं को दुख पहुंचाने के समान है । यह जानकारी हासिल होने से इन्सान के मन से द्वैत की भावना समाप्त होने लगती हैं और वसुदैवकुटुम्बकम के भाव उत्पन्न होते हैं जिससे उसके मन में सभी के प्रति प्यार करने की भावना जागृत होती है।                                इस अवसर पर स्थानीय संयोजक श्री नवनीत पाठक ने श्री गुलाटी जी का सारी साधसंगत की ओर से स्वागत किया और यहां पधारने पर उनका धन्यवाद किया ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

60046

+

Visitors