अपराधियों में खौफ़ का ख़लीफ़ा है नाम इंस्पेक्टर मलकीत सिंह

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चंडीगढ़ के तात्कालीन एसएसपी सुमेध सिंह सैनी आईपीएस ने जब 6 फुट 3 इंच लम्बे चौड़े देह के मालिक मलकीत सिंह को देखा था ये पहली नजर ही मलकीत सिंह की लाइफ का शाइनिंग स्टार जैसा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ था !  मलकीत सिंह की पृष्ठ भूमि आम ग्रामीण परिवार  से है ! माँ बाप भले ही अपनी इन सन्तानों को दो जून की पेट भर रोटी न दे सके हों पर औलाद को अच्छी तहजीब की जन्मघुटी अक्सर पिलाते रहे ! फलस्वरूप मलकीत सिंह अपने अधिकारियों के साथ साथ अपने समूचे महकमे के अफसरों और जवानों तक की कदर परवान रखता है ! पुलिस में जिस ट्रेनिंग मुस्तैदी और सब से अलग दूरदर्शिता  सहित बेख़ौफ़ अपराधियों को उनके घोसलों में घुस कर जा दबोचने की मर्दानी ताकत का सवाल है मलकीत सिंह अग्रणी पंक्ति में शुमार शेरदिल है ! गरीबों मजलूमों की ताकत है  वर्दी ये अहसास फ़रयाद लेकर आने  वाले गरीब बदनसीब और मोहताजी को बखूबी मलकीत सिंह  की दरियादिली  दिलवा देती है ! जहाँ ही ड्यूटी के लिए  मलकीत सिंह को हिट किया गया वहीँ ये दिलेर बहादुर और जोश के साथ होश बरतने में यकीन रखने वाला मलकीत सिंह आज बतौर इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच पोस्टड है ! उसके इन्हीं गुणों ने उसको पूर्व एसएसपी नौनिहाल सिंह  का भी चहेता बना दिया था ! बापूधाम पुलिस पोस्ट के बाद मौली जागरां में मलकीत सिंह की दूरदर्शिता निखरती गई थी !  तभी तो एसएसपी सिंह ने पुलिस पोस्ट से उठाया और सीधे पुलिस स्टेशन प्रभारी नियुक्त किया था ! फिर भी शहर का कदावर धाकड़ निडर दूरदर्शी 
इंस्पेक्टर अपराधियों में खौफ का खलीफा के नाम की सुगबुगाहट से जाना जाता है ! अनेकों पुलिस पोस्टों व् थानों में ड्यूटी बजाने के बाद मलकीत सिंह इकबार 
फिर अपराधियों की नींद लूटने क्राइम ब्रांच में  आया है ! फरियादी की जुबानी उसकी बात, दर्द समझनी और फिर दर्द का मर्ज जानकर सेवा करनी वो भी भगवान के नाम पर मलकीत सिंह  की नियति और रीति है ! इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन में  रहते हुए कई दबे कुचले केसों में  निडरता से अहम फैसले अपने नैतिक स्तर पर कानूनी दायरे में रहते हुए अंजाम दिए !मलकीत सिंह को जब भी जहाँ  चुनौती वाली सीट पर काबिज किया तब तब उसने अपनी छुपी प्रतिभा का बखूबी से लोहा मनवाया ! हाल ही में आस्ट्रेलिया का भ्रमण करते हुए वहां के  कायदे कानूनों का बखूबी अवलोकन किया ! क्राइम ब्रांच से पहले जिला कचहरी में मुस्तैद ड्यूटी  दी और फिर कचहरी में भी बड़ी विश्वसनीय स्तर पर  जवाबदेही और जिम्मेवारी वाली ड्यूटी को अंजाम दिया ! क्राइम ब्रांच में ड्यूटी देना कोई आम बात नहीं है ! महिला फरियादी को सबसे पहले बड़े अदब से यकीन करवाएं कि अब पुलिस स्टेशनों में रुकना खतरों से खाली वाली बात नहीं रही है ! मातापिता से  अगाध श्रद्धा लगाव और  उनके प्रति बनती ड्यूटी  को अक्षुण्ण वहन कर रहे हैं ! बच्चों को भले  ही खुला  महौल नहीं दिया पर स्वाबलम्बी जीवन जीने की बुनियादी कला सीखा रहे हैं ! हालाँकि कई मर्तबा कानून पर नैतिकता का भार बढा और दिमाग की जगह दिल से काम लेने की खामियाजा भी मलकीत सिंह ने !  जिससे हंस कर बोल लिया वहीँ बस उसी के हो  लिए ! यारों का यार मलकीत सिंह अपने परिवार से ज्यादा अहमियत अपने घर परिवार रुपी पुलिस स्टेशन को देता है ! बुढापे की  चौखट पर खड़े समाज से बखूबी आत्मीयता से विवश्वास भरी बातचीत मलकीत सिंह के लिए सुरक्षा कवच रूपी आशिर्वाद है ! वक़्त  और हालात का पाबंद इंस्पेक्टर मलकीत सिंह अपने मिलनसार और फिर खौफजदा स्वभाव के लिए जानामाना चेहरा है ! सब  की दुआ, रब्ब दी मेहर और अपने अंदर बैठे परवरदिगार को हाजिर मानकर अपराधियों को मूख्यधारा में फिरसे जोड़ने का भगीरथी मन्तव्य लिए मलकीत सिंह अपने परिवार और नौकरी को अंजाम दे रहा है ! माँ  के हाथ की बनी देशी घी की  पिन्नियों को अपनी जिस्मानी और बौद्धिक ताकत और  व्यायाम को आत्मिक शक्ति मानने वाले मलकीत सिंह का   भविष्य उज्ज्वल है ! जन प्रेमी बनकर जनता  की सेवा व् हिफाजत करने में जुटे मलकीत सिंह पर अफसर भरोसा जताते हैं तो अधीस्थ कनिष्ठ सब जान लुटाते हैं ! 

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