ठेका बिजली कर्मी सतविंदर की मौत या मर्डर मिस्ट्री!!??

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चंडीगढ़ मोहाली 6 जुलाई आर विक्रमा शर्मा/अनिल शारदा बीरबल शर्मा —5 जुलाई शुक्रवार को मोहाली के खरड़ क्षेत्र में बिजली के खंभे पर ठेका बिजली कर्मी सतविंदर सिंह को हजारों लोगों ने तड़पते देखा। बेबसी में कोई कुछ नहीं कर पाया, लाख चाहने पर भी। बिजली जाने के सूरते हाल सतविंदर सिंह अपनी ड्यूटी निभाते हुए सरकार की नाक बचाते हुए बिजली कट से राहत दिलाते हुए तड़पते तड़पते मौत के मुंह में समा गया। मददगार अनेकों कोशिशें करने के बाद भी ठेका बिजली कर्मी को खंभे पर से जिंदा उतारने में नाकामयाब रहे। शर्म और हैरत की बात तो यह है कि सतविंदर सिंह की लाश को नीचे उतरने के लिए बजरी से भरे हुए ट्रक को खंबे के पास लाकर उस पर सीढ़ी लगाकर बामुश्किल नीचे उतारा।

पब्लिक ने देखा कि ठेका बिजली कर्मी सतविंदर सिंह ने सेफ्टी प्रिकॉशन के नाम पर कुछ भी उसे नहीं कर रखा था। उनके पास ना तो सेफ्टी ग्लव्स और ना ही पैरों में सेफ्टी शूज डाले हुए थे। ऊंचे खम्भा पर चढ़ने के लिए ना तो कोई सीढी थी‌। और ना ही लेदर बेल्ट उपलब्ध थी। यानी बिना सेफ्टी सेफ्टी उपकरणों के बिजली महक मेंके यह बदनसीब कर्मचारी बरसात में भी अपनी ड्यूटी अंजाम देते हैं। यहां सवाल यह उठता है कि बिजली डिपार्टमेंट के पास क्या फंडिंग की कमी है। जिस कारण महकमा बुनियादी जरूरत का सामान भी खरीद नहीं सकता है। यह सवाल जांच के दायरे में आने चाहिएं।

ठेका बिजली कर्मी सतविंदर सिंह जब बिजली के खंभे पर चढ़कर बिजली सप्लाई दुरुस्त कर रहा था उसे वक्त उसके पास उसके कितने साथी उसके साथ मौके पर मौजूद थे। सतविंदर सिंह जब खंबे पर चढ़ा तो बिजली की तारों में करंट की सप्लाई बंद थी। तो फिर सतविंदर सिंह की खंभे पर करंट लगने से मौत कैसे हुई। अगर मौत करंट लगने से नहीं हुई तो क्या सतविंदर सिंह को खंभे पर चढ़े हुए को ही क्या साइलेंट सीवियर हार्ट अटैक हुआ। इन सवालों पर चर्चा से ज्यादा जांच हनी बहुत जरूरी है। ताकि भविष्य में इस प्रकार के जान लेवा हादसे की पुनरावृत्ति ना हो। इस मामले में निष्पक्ष और बड़े स्तर की जांचकी जरूरत है। क्योंकि यह घपला घोटाले का ही नहीं बल्कि किसी इंसान की बेशकीमती जान जाने की अपूरणीय क्षति भी है। ऐसा भी नहीं है कि यह बिजली विभाग में पहला हदसा है। इससे पहले भी अनेकों दिल दहला देने वाले बिजली कर्मियों के साथ जानलेवा हादसे होने आम हैं। तो फिर वातानुकूलित ऑफिसों में बैठे अधिकारियों ने सबक क्यों नहीं लिया। और रेगुलर और ठेकेदारों के आउटसोर्स मैनपॉवर के कर्मचारीयों की जान के प्रति बेपरवाही क्यों बनाए रखे हुए हैं । अल्फा न्यूज़ इंडिया पहले के दिल दहला देने वाले बिजली कर्मियों के साथ होने वाले ऐसे हादसों की जांच की मांग होने को प्राथमिकता देते रहे हैं। और इस मर्तबा सतविंदर सिंह के साथ हुए जानलेवा हादसे की भी बड़ी जांच की मांग करते हैं। और पीड़ित व अशोक कुल परिवार के प्रति हार्दिक मानवीय शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए पंजाब सरकार से बिजली महकमे से यथोचित मुआवजा और पीड़ित परिवार के आमुक पारिवारिक जन को गवर्नमेंट रेगुलर जॉब तत्काल प्रभाव से देने की पुरजोर मांग करते हैं।। यह लापरवाही सीधे-सीधे सतविंदर सिंह ठेका बिजली कर्मी को कथित दर्दनाक मौत देने की और इशारा करती है। यह एक सामान्य मौत किसी भी सूरते हाल नहीं कही जा सकती है। अल्फा न्यूज़ इंडिया यह भी पुरजोर मांग करती है कि जिन क्षेत्रों में कर्मचारियों की जान के लिए ज्यादा जोखिम रहता है उनका जीवन बीमा सरकारी स्तर पर होना सुनिश्चित निर्धारित होना चाहिए।

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