कामुकता से अंधी मां सौतेले बेटे की बच्ची की बन गई मां
चंडीगढ़ :-17 जनवरी :-आरके विक्रमा शर्मा/ एनके धीमान:-सतयुग, त्रेता युग व द्वापर युग और अब कलयुग। कलयुग कल्कि अवतार की पौराणिक और धार्मिक कथा के अनुसार भी कहा जाता है । लेकिन कल यानी पुर्जे युग मतलब समय। कल पुर्जों का युग, मशीनी युग। लेकिन इससे पहले इसी युग का बीता समय करयुग था। कर…

