सठयाआ नहीं म्हारा हरियाणा गठियाआ म्हारा हरियाणा

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चंडीगढ़ पंचकूला रविवार 01 नवंबर 2026 आरके विक्रमा शर्मा हरीश शर्मा अश्वनी शर्मा प्रस्तुति —-उत्तरी भारत में पहले सारा हिमाचल महाराज का राज होता था। फिर आगे चलकर हिंदूकुश का क्षेत्र अफगानिस्तान और भारत का इंद्रप्रस्थ वाला हस्तिनापुर वाला भारत पंजाब के नाम में बंट गया। यही पंजाब आगे चलकर हिमाचल प्रदेश हरियाणा प्रदेश में बट गया यानी पंजाब भी मूल रूप से राजा हिमाचल के राज्य का क्षेत्र था। हरियाणा का निर्माण यह स्थापना हुई 60 वर्षहो चुके हैं। इन 60 वर्षों में हरियाणा ने हर क्षेत्र में उनकी की है प्रदेश वासियों ने प्रदेश का नाम दुनिया भर में उज्जवल किया है। समाचार क्यारी के सम्पादक राजेश चौहान ने हरियाणा की जन्म से लेकर अभी तक का खाका अपनी कविता में उगेरा है।

@@म्हारा हरियाणा आज होग्या साठ का……@@alphanewsindia-in म्हारा हरियाणा आज होग्या साठ का मैं के-के जिकर करूँ इसके ठाठ का हम यहाँ भर-भर अनाज उगाते हैं बासमती से लज्जत महकाते हैं म्हारे गन्ने की मिठास है बड़ी ख़ास चुगिर्दा बणगे हाइवे होग्या विकास हम ट्रैक्टर, कार और बाइक बणावैं म्हारे छैल छोरे-छोरी जहाज़ उड़ावैं दूध-दही म्ह मौज करा रही म्हारी मुर्रा दुनिया म्ह घूम रह्या म्हारी चौधर का तुर्रा खूब बरस रहे आड़ै पौंड अर डॉल्लर देखो सफेद हो गए कमेरों के कॉल्लर बालक खेलां म्ह लगावैं मेडल की झड़ी कई पीढ़ियाँ म्हारी बॉर्डर पै डटी खड़ी आड़ै बारम्बार होया हरि का आणा यू बड़ा निराला है म्हारा हरियाणा।।।। जय हरियाणा जय भारत।।

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