पाँच वस्तु ऐसी हे ,जो अपवित्र होते हुए भी पवित्र
चंडीगढ़: 26 जनवरी:- आरके विक्रमा शर्मा प्रस्तुति:- आध्यात्मिक भाषा में कुछ भी अपवित्र नहीं है। और कुछ भी पवित्र नहीं है। लेकिन कुछ तो ऐसा है। जो अपवित्रता और पवित्रता के बंधनों से बहुत ऊपर है। यह कहना है पंडित रामकृष्ण शर्मा जी का, उन्होंने बताया कि इंसान भगवान को विश्व के कण-कण में ढूंढता…

