विश्व गुरु की पराकाष्ठा का ध्वजवाहक है भारत राष्ट्र
चंडीगढ़: 08 फरवरी:- आरके विक्रमा शर्मा अनिल शारदा करण शर्मा प्रस्तुति:— सूर्य जब भी पश्चिम में गया है अस्त ही हुआ है हमारे पास तो पहले से ही अमृत से भरे कलश थे…! फिर हम वह अमृत फेंक कर उनमें कीचड़ भरने का काम क्यों कर रहे हैं…?🤔 जरा इन पर विचार…

