गुरु प्रदोष व्रत परिचय एवं प्रदोष व्रत की है विस्तृत विधि :- ज्योतिषाचार्य पंडित कृष्ण मेहता
चंडीगढ़:-14 अप्रैल वैशाखी:– आरके विक्रमा शर्मा/ करण शर्मा/अनिल शारदा प्रस्तुति:– प्रत्येक चन्द्र मास की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत रखने का विधान है. यह व्रत कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष दोनों को किया जाता है. सूर्यास्त के बाद के 2 घण्टे 24 मिनट का समय प्रदोष काल के नाम से जाना जाता है. प्रदेशों…

