मांबाप की सेवा सौभाग्य से नसीब होती,आदिमां गायत्री रोती जब धरा पर कोई माँ रोती ; बलबीर मस्त
मांबाप की सेवा सौभाग्य से नसीब होती,आदिमां गायत्री रोती जब धरा पर कोई माँ रोती ; बलबीर मस्त चंडीगढ़ ; 16 सितंबर ; आरके शर्मा विक्रमा /मोनिका शर्मा ;——- समाज में बच्चियों के साथ बलात्कार और फिर निर्मम हत्या के केसों में भारी इजाफा वर्दी और कानून की अहमियत और मुस्तैदी की पोल खोल रहे हैं ! रोज अनेकों…

