शारदीय नवरात्रि अष्टमी मां महागौरी जी की उपासना

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चंडीगढ़ सोमवार 19 अक्टूबर 2026 आर के विक्रमा शर्मा अनिल शारदा प्रस्तुति —- भगवान श्री राम ने रावण से युद्ध करने से पहले मां बगलामुखी की आराधना कर ब्रह्मास्त्र आग्नेयास्त्र प्राप्त किए थे। भगवान श्री राम ने स्वयं कहा है कि मां शक्ति के बिना मैं यह युद्ध कदापि नहीं जीत सकता हूं। भगवान राम ने 9 दिन निराहार रहते हुए दुर्गा शक्ति अधिष्ठात्री मां का आह्वान किया था। यह पहला दिवस ही नवरात्रि का पहला नवरात्रा बना। 9 दिन की तपस्या नवरात्रि बनी और दसवें दिन भगवान श्री रामचन्द्र जी महाराज ने चार वेद छह शास्त्रके ज्ञाता अंहकारी रावण का संहार किया था। सर्वशक्तिमान परमात्मा की वाणी का भाव समझें कि,,,,,,मैं स्वयं यह बात कहता हूँ, चाहे वे देवता हों या मनुष्य। मेरी इच्छा है कि सबसे पहले वह कृष्ण, वह ब्रह्म, वह ऋषि, वह सुमेधा (ज्ञानी) सामने आएँ। “मैं स्वयं इस परम सत्य का उपदेश देता हूँ, जिसे देवता और मनुष्य दोनों पूजते और मानते हैं। इस ब्रह्मांड में जिस किसी पर भी मैं अपनी विशेष कृपा करना चाहता हूँ, उसे मैं अत्यंत शक्तिशाली और सामर्थ्यवान बना देता हूँ।””मैं स्वयं इस सत्य की घोषणा करता हूँ, जिसे देवता और मनुष्य समान रूप से पूजते और स्वीकार करते हैं। वही जो बुद्धि और ज्ञान प्रदान करता है। जिस किसी पर भी मैं कृपा करना चुनता हूँ, उसे मैं अत्यंत शक्तिशाली बना देता हूँ; मैं उसे एक सृष्टा, एक दूरदर्शी द्रष्टा और उत्कृष्ट बुद्धि वाला व्यक्ति बना देता हूँ।”

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