मन के मीत चले 141 फिल्मों का सफर ,दिलवाले विनोद खन्ना हो गए खामोश

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मन के मीत चले 141 फिल्मों का सफर ,दिलवाले विनोद खन्ना हो गए खामोश
चंडीगढ़ ; 27  अप्रैल ; आरके शर्मा विक्रमा ;—6 अक्टूबर 1946 को जन्मे गरिष्ठ कद काठी वाले बॉलीबुड अभिनेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे व् पंजाब के गुरदासपुर से चार बार सांसद चुने गए विनोद खन्ना ने आज 27 अप्रैल को भौतिक संसार को गुडबॉय कहा ! चारों ओर उनके करोड़ों चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई ! बकौल  विनोदखन्ना  वह पिछले दशक भर से कैंसर [आंत ]से जूझ रहे हैं ! देहावसान के वक़्त भी रिलायंस अस्पताल में ही भर्ती थे और यहीं अंतिम साँस ली ! उनके तीन संतानों में बेटी और बेटे अक्षय खन्ना और राहुल खन्ना फिल्म जगत में कार्यरत हैं ! एक फ़िल्मी जगत से जुडी पत्रिका के मुताबिक विनोदखन्ना  ने अपना फ़िल्मी सफर बतौर विलेन शुरू किया था पर पहचान उनकी मन के मीत से हुई थी ये ही वास्तव में उनकी प्रथम फिल्म बताई जाती है ! मन के मीत  सन 1968 और आखिरी फिल्म “एक थी रानी ऐसी भी” 2017 के दरम्यान लहू के दो रंग /क़ुरबानी/दयावान/अमर  अकबर ऍंथोनी/मेरा गाँव मेरा देश/मुक़ददर का सिकंदर/कच्चे धागे/और मेरे अपने जैसी सफल सहित 137  फिल्मों के विनोदखन्ना का नाम बतौर हरमन प्रिय विविध बहुमुखी प्रतिभाशाली अभिनेता चरित्र अभिनेता शुमार हैं ! बतौर सियासतदान विनोदखन्ना  गुरदासपुर से चार बार सांसद चुने गए और इलाके में सर्वहिताय कार्य करवाने के लिए खूब लोकप्रिय रहे !
मन के मीत में विनोदखन्ना की हीरोइन लीना चंदावरकर और जीवन सहित महमूद ने हमेशा दर्शकों के दिल में छाये रहने वाला अभिनय किया  था ! और अंतिम फिल्म “एक थी रानी ऐसी भी” [बॉयोपिक ] में विनोदखन्ना  ने ड्रीम गर्ल और भाजपा नेत्री  व् सांसद हेमामालिनी  के साथ अभिनय का अंतिम फ़ल्सफ़ा पूरा किया ! विनोदखन्ना तात्कालीन अभिनेताओं और अभिनेत्रियों से लेकर आज के दौर के युवा कलाकारों के साथ भी खूब दमदार जमकर अभिनय किया ! अभिताभ बच्चन के साथ मुकद्दर का सिकंदर और जितेंद्र के साथ हम तुन और वो  व् एक हसीना दो दीवाने, सहित कुदरत में  सलमान खान के साथ दबंग व् वांटेड और शाहरुख़ खान के साथ दिलवाले    में भी बखूबी अभिनय की मिसाल छोड़ी थी ! एक जिम्मेवार बाप होने के चलते विनोदखन्ना  ने अपने पुत्र अक्षय खन्ना को फिल्म हिमालय पुत्र  में लांच किया था ! फिल्म फेयर  अवार्ड 1999 विनोदखन्ना   अलंकृत हुए थे ! अनेकों फिल्मों के साथ रंगमंच के साथ साथ विनोदखन्ना ने छोटे पर्दे पर मेरे अपने सीरियल में काशीनाथ की यादगार भूमिका अदा की थी !  19 8 2–86  तक  विनोदखन्ना ने फ़िल्मी दुनिया को अधर में ही छोड़कर रजनीश ओशो की शरण ली थी !   विनोदखन्ना  को हेरा फेरा परवरिश और खून पसीना सहित अमर अकबर एंथोनी में सदी के आजके महानायक अभिताभ बच्चन से भी ज्यादा मेहनताना मिला था ! लाजवाब आकर्षक व्यक्तित्व के धनी विनोदखन्ना का जीवन रोमांस से भी कम भरपूर न रहा ! अलमस्त मौला मिजाजी के धनी विनोदखन्ना ने कभी किसी का दिल दुखने वाले वाक्यात मीडिया और बालीबुड सहित अपने घरपरिवार को शायद ही दिए होंगे !              

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