अगले 24 घंटो में हरियाणा-पंजाब में कई स्थानों पर बारिश होने के आसार

अगले 24 घंटो में हरियाणा-पंजाब में कई स्थानों पर बारिश होने के आसार चंडीगढ़: 6 सितम्बर ; अल्फ़ा न्यूज इंडिया ;—- इस साल बरसात के दौर में इंद्र देवता ने यमराज केसाथ मिलकर भारत के कोने कोने में दिल खोल के तबाही मचाई और मौतों का तांडव नाचा !    हरियाणा में अगले 24 घंटों में कई…

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12 दिन में घरेलू डॉग ने बच्ची को दूसरी बार 60 बार नोचा, हालत गंभीर,डॉग ओनर पर केस दर्ज

12 दिन में घरेलू डॉग ने बच्ची को दूसरी बार 60 बार नोचा, हालत गंभीर,डॉग ओनर पर केस दर्ज  चंडीगढ़ /रोहतक :  5 सितंबर ; आरके शर्मा विक्रमा /मोनिका शर्मा ;—- हरियाणा प्रदेश के जिला  रोहतक स्थित ओमैक्स सिटी में अपने ही  घर के बाहर खेल रही एक बच्ची को पड़ोसी के “बुलटेरियर”  नस्ल के पालतू कुत्ते ने बुरी तरह नोच नोच…

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आत्मबोध से ही अज्ञानता की दिवारों का नाश सम्भव : एच.एस.चावला

आत्मबोध से ही अज्ञानता की दिवारों का नाश सम्भव :                                       एच.एस.चावला लुधियाना/चण्डीगढ़;26 अगस्त ; अल्फ़ा न्यूज इंडिया ;—   संसार में चारों तरफ इन्सान से इन्सान में दूरी का मुख्य कारण अज्ञानता सेखड़ी हुई दीवारें हैं, जिस दिन भी इन्सान को आत्म बोध हो जाता है अर्थात् उसे अपने मूल ब्रहम कीजानकारी हो जाती है तो उस द्वारा अज्ञानता के कारण खड़ी की गई दीवारें जिनमें वह पहले घुटन महसूसकर रहा था सभी नष्ट हो जाती हैं। यह उद्गार आज यहां सैक्टर 30 में स्थित सन्त निरंकारी सत्संग भवनमें केन्द्रीय प्रचारक व लुधियाना के ज़ोनल इन्चार्ज श्री एच0 एस0 चावला जी ने यहां हुए विशाल सन्तसमागम में हज़ारों की संख्या में उपस्थित श्रोताआें को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए ।  श्री चावला ने आगे कहा कि सन्त महात्मा एक चलते-फिरते ए$टी$एम. के समान है ये शहर-शहर, गली-गली जा कर अपने शरीर व दिन-रात की परवाह किए बिना इन्सान की अज्ञानता को दूर कर उसेअध्यात्मिक दृष्टि से जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं।   ब्रह्मज्ञान के महत्व की चर्चा करते हुए श्री चावला ने कहा कि आज इन्सान स्वयं के शरीर को ही अपनामन्जिल-ए-मकसूद मान चुका है और इसी की आवश्यकताआें को पूरा करने में ही अपनी सारी जिन्द्गीव्ययतीत कर देता है। लेकिन वर्तमान सत्गुरू माता सुदीक्षा जी की शरण में आकर जो इन्सान ब्रह्म कीजानकारी हासिल कर लेता है, उसे अपने अस्तित्व का एहसास हो जाता है जिससे उसे यह ज्ञात होता है कि मैं वास्तव में कौन हूं, कहां से आया हूं और मेरा इस संसार में आने का उद्देश्य क्या है । आत्मा कामेल परमात्मा के साथ होने से इन्सान को आवागमन के चक्कर से मुक्ति के साथ-साथ मनुष्य जन्म केउद्देश्य की भी पूर्ति हो जाती है । इससे पूर्व श्री निरंजन सिंह रिटायर्ड आई$ए$एस$ ने श्री चावला जी का यहां पधारने पर सर्वत्र साधसंगत कीआेर से स्वागत किया एवंम् ज़ोनल इन्चार्ज श्री के0 के0 कश्यप ने भी उनका धन्यवाद किया ।

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भाजपाइयों की श्रद्धांजलि व् शोक संवेदना से मरहूम रहे पूर्व लोस स्पीकर चैटर्जी सोमनाथ

चंडीगढ़ ; 20 अगस्त ; अल्फ़ा न्यूज इंडिया डेस्क ;— देश अपने हरदिल अजीजनेता और पूर्व प्रधानमंत्री कलमकार मूर्धन्य कवि अटल बिहारी वाजपेयी जी के देहावसान के शोक में डूबा है ! हर नागरिक आज पार्टीबाजी जातिपाति और धर्म नस्ल सब का मोह तजकर भूलकर दिवंगत आत्मा की असीम शांति हेतु अपनेअपने कायदे अनुसार जुटा…

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महज 11 वर्षीय बच्ची के दुष्कर्मी को उम्रकैद सहित 2.60 लाख रूपये ठोका जुर्माना

महज 11 वर्षीय बच्ची के दुष्कर्मी को उम्रकैद सहित  2.60 लाख रूपये ठोका जुर्माना चंडीगढ़ /लुधियाना : 14 अगस्त ; अल्फ़ा न्यूज इंडिया ;—– अतिरिक्त सेशन जज सोनिया किनरा की अदालत ने मंगू उर्फ राणा निवासी न्यू सुभाष नगर, बस्ती जोधेवाल को 11-वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी को 2…

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दिहाड़ीदारों की पुकार रोजी रोटी से मत करो बेकार, श्रम विभाग के अफसर करें शर्म, जीएम पड़े नरम, वरना तेवर होंगे खूब गरम्

दिहाड़ीदारों की पुकार रोजी रोटी से मत करो बेकार, श्रम विभाग के अफसर करें शर्म, जीएम पड़े नरम, वरना तेवर होंगे खूब गरम्   केवल ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में  मजदूरों को जल्दी बहाल नहीं किया गया तो होगा बड़ा आंदोलन:- नसीब जाखड़    चंडीगढ़ ;  9 अगस्त : आरके शर्मा विक्रमा /एनके धीमान /करण शर्मा ;—– आज स्थानीय इंडस्ट्रियल एरिया…

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लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई

लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई   अंतिम संस्कार किया गया निगम बोध घाट पर                 चण्डीगढ 8 अगस्त : अल्फा  न्यूज़ इंडिया :—– निरंकारी माता सविंदर हरदेव जी महाराज को आज दिल्ली में लाखों श्रद्धालु भक्तों द्वारा अत्यंत भक्तिभाव से विदाई दी गई। इस अवसर पर चण्डीगढ मोहाली पंचकुला से भी सैक्डों सेवादल और हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त शामिल हंुए।उनकी अंतिम यात्रा प्रातः9.30 बजे बुराड़ी रोड स्थित ग्राउंड नं.8 से प्रारंभ हुई और दोपहर लगभग 1.00 बजे निगम बोध घाट पर पहुंची।                 अंतिम यात्रा ने वास्तव में एक शोभा यात्रा का ही रूप धारण कर लिया। माता जी का पार्थिव शरीर फूलों से सुसज्जित एक खुलेवाहन पर रखा गया जिस पर सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा उनकी दोनों बहने एवं गुरु परिवार के अन्य सदस्य साथ रहे। इससे पहले सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा माता सविंदर हरदेव जी की दो अन्य सुपुत्रियों ने शाल भेंट करके अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।समस्त साध संगत की ओर से संत निरंकारी मंडल के अध्यक्ष श्री गोबिन्द सिंह जी तथा अन्य प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूषों ने भी शालतथा फूलों के गुलदस्ते भेंट करके अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इनमें बहुत से महापुरूष दूर-देशों से आए थे।                 लगभग 10 किलोमीटर लम्बी इस यात्रा में संत निरंकारी मिशन की परंपराओं के अनुसार सबसे आगे भारत तथा दूरदेशों केसेवादल सदस्य और उनके पीछे देश तथा दूरदेशों से आये हुए प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूष सफेद दुपट्टा पहन कर चल रहे थे। रास्ते मेंसड़कों के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने खड़े होकर माता सविंदर हरदेव जी महाराज को स्नेहपूर्वक विदाई दी। अंतिमसंस्कार की औपचारिकता सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा गुरु परिवार के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में माता जी की बड़ी सुपुत्री समता जी केबेटे हार्दिक जी ने निभाई।                 माता सविंदर हरदेव जी महाराज लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे परंतु उन्होंने इसे मिशन की गतिविधियों में बाधा का कारणबनने नहीं दिया। उन्होंने दो वर्ष से भी अधिक संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक सद्गुरु के रूप में मार्गदर्शन किया और 16 जुलाई, 2018को अपनी सबसे छोटी सुपुत्री सुदीक्षा जी को मिशन की बागडोर सौंप दी। औपचारिक समारोह 17 जुलाई, 2018 को सम्पन्न हुआ जिसमें देशतथा दूर देशों से आये लाखों श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया। इसके पश्चात् माता जी का स्वास्थ्य और कमजोर होता गया और वे 5 अगस्त, 2018 को लगभग सायं 5.15 बजे नश्वर शरीर त्याग कर ब्रह्मलीन हो गये। उसी शाम से उनके शरीर को ग्राउंड नं. 8 में अंतिम दर्शनों के लियेरखा गया और यह कार्यक्रम आज सुबह तक चलता रहा। अनुमान है कि दिन-रात दर्शन करने वालों की संख्या पांच लाख से भी अधिक रही।                 आज निगम बोध घाट पर भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण मंत्री श्री हर्षवर्धन ने भी अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।                 माता सविंदर हरदेव जी के जीवन तथा शिक्षाओं से प्रेरणा लेने के लिये संत निरंकारी मिशन की ओर से प्ररेणा दिवस भी आज हीमनाया जा रहा है जिसकी अध्यक्षता सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज कर रहे हैं। ——————————————————–

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लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई

लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई अंतिम संस्कार किया गया निगम बोध घाट पर                 चण्डीगढ 8 अगस्त : अल्फा  न्यूज़ इंडिया :—– निरंकारी माता सविंदर हरदेव जी महाराज को आज दिल्ली में लाखों श्रद्धालु भक्तों द्वारा अत्यंत भक्तिभाव से विदाई दी गई। इस अवसर पर चण्डीगढ मोहाली पंचकुला से भी सैक्डों सेवादल और हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त शामिल हंुए।उनकी अंतिम यात्रा प्रातः9.30 बजे बुराड़ी रोड स्थित ग्राउंड नं.8 से प्रारंभ हुई और दोपहर लगभग 1.00 बजे निगम बोध घाट पर पहुंची।                 अंतिम यात्रा ने वास्तव में एक शोभा यात्रा का ही रूप धारण कर लिया। माता जी का पार्थिव शरीर फूलों से सुसज्जित एक खुलेवाहन पर रखा गया जिस पर सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा उनकी दोनों बहने एवं गुरु परिवार के अन्य सदस्य साथ रहे। इससे पहले सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा माता सविंदर हरदेव जी की दो अन्य सुपुत्रियों ने शाल भेंट करके अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।समस्त साध संगत की ओर से संत निरंकारी मंडल के अध्यक्ष श्री गोबिन्द सिंह जी तथा अन्य प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूषों ने भी शालतथा फूलों के गुलदस्ते भेंट करके अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इनमें बहुत से महापुरूष दूर-देशों से आए थे।                 लगभग 10 किलोमीटर लम्बी इस यात्रा में संत निरंकारी मिशन की परंपराओं के अनुसार सबसे आगे भारत तथा दूरदेशों केसेवादल सदस्य और उनके पीछे देश तथा दूरदेशों से आये हुए प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूष सफेद दुपट्टा पहन कर चल रहे थे। रास्ते मेंसड़कों के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने खड़े होकर माता सविंदर हरदेव जी महाराज को स्नेहपूर्वक विदाई दी। अंतिमसंस्कार की औपचारिकता सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा गुरु परिवार के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में माता जी की बड़ी सुपुत्री समता जी केबेटे हार्दिक जी ने निभाई।                 माता सविंदर हरदेव जी महाराज लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे परंतु उन्होंने इसे मिशन की गतिविधियों में बाधा का कारणबनने नहीं दिया। उन्होंने दो वर्ष से भी अधिक संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक सद्गुरु के रूप में मार्गदर्शन किया और 16 जुलाई, 2018को अपनी सबसे छोटी सुपुत्री सुदीक्षा जी को मिशन की बागडोर सौंप दी। औपचारिक समारोह 17 जुलाई, 2018 को सम्पन्न हुआ जिसमें देशतथा दूर देशों से आये लाखों श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया। इसके पश्चात् माता जी का स्वास्थ्य और कमजोर होता गया और वे 5 अगस्त, 2018 को लगभग सायं 5.15 बजे नश्वर शरीर त्याग कर ब्रह्मलीन हो गये। उसी शाम से उनके शरीर को ग्राउंड नं. 8 में अंतिम दर्शनों के लियेरखा गया और यह कार्यक्रम आज सुबह तक चलता रहा। अनुमान है कि दिन-रात दर्शन करने वालों की संख्या पांच लाख से भी अधिक रही।                 आज निगम बोध घाट पर भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण मंत्री श्री हर्षवर्धन ने भी अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।                 माता सविंदर हरदेव जी के जीवन तथा शिक्षाओं से प्रेरणा लेने के लिये संत निरंकारी मिशन की ओर से प्ररेणा दिवस भी आज हीमनाया जा रहा है जिसकी अध्यक्षता सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज कर रहे हैं। ——————————————————–

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लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई

लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई  अंतिम संस्कार किया गया निगम बोध घाट पर                 चण्डीगढ 8 अगस्त : अल्फा  न्यूज़ इंडिया :—- निरंकारी माता सविंदर हरदेव जी महाराज को आज दिल्ली में लाखों श्रद्धालु भक्तों द्वारा अत्यंत भक्तिभाव से विदाई दी गई। इस अवसर पर चण्डीगढ मोहाली पंचकुला से भी सैक्डों सेवादल और हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त शामिल हंुए।उनकी अंतिम यात्रा प्रातः9.30 बजे बुराड़ी रोड स्थित ग्राउंड नं.8 से प्रारंभ हुई और दोपहर लगभग 1.00 बजे निगम बोध घाट पर पहुंची।                 अंतिम यात्रा ने वास्तव में एक शोभा यात्रा का ही रूप धारण कर लिया। माता जी का पार्थिव शरीर फूलों से सुसज्जित एक खुलेवाहन पर रखा गया जिस पर सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा उनकी दोनों बहने एवं गुरु परिवार के अन्य सदस्य साथ रहे। इससे पहले सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा माता सविंदर हरदेव जी की दो अन्य सुपुत्रियों ने शाल भेंट करके अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।समस्त साध संगत की ओर से संत निरंकारी मंडल के अध्यक्ष श्री गोबिन्द सिंह जी तथा अन्य प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूषों ने भी शालतथा फूलों के गुलदस्ते भेंट करके अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इनमें बहुत से महापुरूष दूर-देशों से आए थे।                 लगभग 10 किलोमीटर लम्बी इस यात्रा में संत निरंकारी मिशन की परंपराओं के अनुसार सबसे आगे भारत तथा दूरदेशों केसेवादल सदस्य और उनके पीछे देश तथा दूरदेशों से आये हुए प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूष सफेद दुपट्टा पहन कर चल रहे थे। रास्ते मेंसड़कों के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने खड़े होकर माता सविंदर हरदेव जी महाराज को स्नेहपूर्वक विदाई दी। अंतिमसंस्कार की औपचारिकता सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा गुरु परिवार के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में माता जी की बड़ी सुपुत्री समता जी केबेटे हार्दिक जी ने निभाई।                 माता सविंदर हरदेव जी महाराज लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे परंतु उन्होंने इसे मिशन की गतिविधियों में बाधा का कारणबनने नहीं दिया। उन्होंने दो वर्ष से भी अधिक संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक सद्गुरु के रूप में मार्गदर्शन किया और 16 जुलाई, 2018को अपनी सबसे छोटी सुपुत्री सुदीक्षा जी को मिशन की बागडोर सौंप दी। औपचारिक समारोह 17 जुलाई, 2018 को सम्पन्न हुआ जिसमें देशतथा दूर देशों से आये लाखों श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया। इसके पश्चात् माता जी का स्वास्थ्य और कमजोर होता गया और वे 5 अगस्त, 2018 को लगभग सायं 5.15 बजे नश्वर शरीर त्याग कर ब्रह्मलीन हो गये। उसी शाम से उनके शरीर को ग्राउंड नं. 8 में अंतिम दर्शनों के लियेरखा गया और यह कार्यक्रम आज सुबह तक चलता रहा। अनुमान है कि दिन-रात दर्शन करने वालों की संख्या पांच लाख से भी अधिक रही।                 आज निगम बोध घाट पर भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण मंत्री श्री हर्षवर्धन ने भी अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।                 माता सविंदर हरदेव जी के जीवन तथा शिक्षाओं से प्रेरणा लेने के लिये संत निरंकारी मिशन की ओर से प्ररेणा दिवस भी आज हीमनाया जा रहा है जिसकी अध्यक्षता सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज कर रहे हैं। ——————————————————–

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लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई

लाखों भक्तों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई   अंतिम संस्कार किया गया निगम बोध घाट पर                 चण्डीगढ 8 अगस्त : अल्फा  न्यूज़ इंडिया :—– निरंकारी माता सविंदर हरदेव जी महाराज को आज दिल्ली में लाखों श्रद्धालु भक्तों द्वारा अत्यंत भक्तिभाव से विदाई दी गई। इस अवसर पर चण्डीगढ मोहाली पंचकुला से भी सैक्डों सेवादल और हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त शामिल हंुए।उनकी अंतिम यात्रा प्रातः9.30 बजे बुराड़ी रोड स्थित ग्राउंड नं.8 से प्रारंभ हुई और दोपहर लगभग 1.00 बजे निगम बोध घाट पर पहुंची।                 अंतिम यात्रा ने वास्तव में एक शोभा यात्रा का ही रूप धारण कर लिया। माता जी का पार्थिव शरीर फूलों से सुसज्जित एक खुलेवाहन पर रखा गया जिस पर सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा उनकी दोनों बहने एवं गुरु परिवार के अन्य सदस्य साथ रहे। इससे पहले सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा माता सविंदर हरदेव जी की दो अन्य सुपुत्रियों ने शाल भेंट करके अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।समस्त साध संगत की ओर से संत निरंकारी मंडल के अध्यक्ष श्री गोबिन्द सिंह जी तथा अन्य प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूषों ने भी शालतथा फूलों के गुलदस्ते भेंट करके अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इनमें बहुत से महापुरूष दूर-देशों से आए थे।                 लगभग 10 किलोमीटर लम्बी इस यात्रा में संत निरंकारी मिशन की परंपराओं के अनुसार सबसे आगे भारत तथा दूरदेशों केसेवादल सदस्य और उनके पीछे देश तथा दूरदेशों से आये हुए प्रबंधक तथा प्रचारक महापुरूष सफेद दुपट्टा पहन कर चल रहे थे। रास्ते मेंसड़कों के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने खड़े होकर माता सविंदर हरदेव जी महाराज को स्नेहपूर्वक विदाई दी। अंतिमसंस्कार की औपचारिकता सद्गुरु माता सुदीक्षा जी तथा गुरु परिवार के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में माता जी की बड़ी सुपुत्री समता जी केबेटे हार्दिक जी ने निभाई।                 माता सविंदर हरदेव जी महाराज लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे परंतु उन्होंने इसे मिशन की गतिविधियों में बाधा का कारणबनने नहीं दिया। उन्होंने दो वर्ष से भी अधिक संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक सद्गुरु के रूप में मार्गदर्शन किया और 16 जुलाई, 2018को अपनी सबसे छोटी सुपुत्री सुदीक्षा जी को मिशन की बागडोर सौंप दी। औपचारिक समारोह 17 जुलाई, 2018 को सम्पन्न हुआ जिसमें देशतथा दूर देशों से आये लाखों श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया। इसके पश्चात् माता जी का स्वास्थ्य और कमजोर होता गया और वे 5 अगस्त, 2018 को लगभग सायं 5.15 बजे नश्वर शरीर त्याग कर ब्रह्मलीन हो गये। उसी शाम से उनके शरीर को ग्राउंड नं. 8 में अंतिम दर्शनों के लियेरखा गया और यह कार्यक्रम आज सुबह तक चलता रहा। अनुमान है कि दिन-रात दर्शन करने वालों की संख्या पांच लाख से भी अधिक रही।                 आज निगम बोध घाट पर भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण मंत्री श्री हर्षवर्धन ने भी अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।                 माता सविंदर हरदेव जी के जीवन तथा शिक्षाओं से प्रेरणा लेने के लिये संत निरंकारी मिशन की ओर से प्ररेणा दिवस भी आज हीमनाया जा रहा है जिसकी अध्यक्षता सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज कर रहे हैं। ——————————————————–

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