हिंसा पर प्यार सद्भाव से विजय सरलता सरलता से सम्भव ; मुमुक्षु शिष्या श्री
चंडीगढ़ /कुरुक्षेत्र ; 18 मार्च ; राज शर्मा /प. रामकृष्ण शर्मा ;——धरती पर महापुरुष भगवान की कृपया से कम और मानस समाज पर अन्यायियों और अधर्मियों के जुल्मों सितम बढ़ने के कारण अवतरित होते हैं ! सत्कर्मं और परोपकार परमार्थभाव से अतिविभोर होकर भगवान भक्ति भाव से प्रसन्न धरा पर नहीं बल्कि साधक के अंतर्मन में अवतरित…

