मौसम ने ली अंगड़ाई, लो वर्षा इठलाती हठलाती आई, लोहड़ी रही शरमाई
चंडीगढ़ /कुरुक्षेत्र /जैसलमेर/दिल्ली/पठानकोट ; 7 जनवरी ; आरके विक्रमा शर्मा /करणशर्मा/एनके धीमान/ राकेश शर्मा /चन्द्रभान सोलंकी /सुमन वैदवाल/कँवल रन्धावा ;—-बुजुर्गों की एक पुराणी कहावत कि आई लोहड़ी स्याल [सर्दी] गई कोहड़ी [कोढ़ रोग सी] के मुताबिक जनवरी में लोहड़ी पर्व आने से कड़ाके की सर्दी का विलुप्त हो जाना निर्धारित माना जाता है ! लेकिन इस मर्तबा ये कहावत झूठ…

