चुनाव में ईवीएम से छेडख़ानी का आरोप लगाया निर्दलीय प्रत्याशियों ने

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चंडीगढ़ : 4 जनवरी 17 ; अल्फ़ा न्यूज इंडिया ;——–  चंडीगढ़ में एम सी चुनाव 2016, भारत के संविधान मौजूदा अधिनियम नियम विनियमन के विपरीत आयोजित किया गया है । आज बहुत सारे प्रत्याशी इस अवैध चुनाव, जो कि लोकतंत्र की हत्या के रूप में घटित हुआ उसके खिलाफ एकजुट हुए! 30 से ज्यादा उमीदवारों ने आज श्री अविनाश सिंह, अध्यक्ष प्रवासी भलाई संगठन के नेतृत्व में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में तथ्यों का खुलासा करने के लिए संगठित।प से विरोध दर्ज कराने हेतु आयोजित किया। 

सभी उमीदवार दिनांक 18/12/2016 को सम्बंधित अधिकारी के पास पहुंचे और ईवीएम के साथ छेडख़ानी होने के संदेह के तहत उन्होंने सम्बंधित अधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया  कि उन्हें इवीएम, स्ट्रांग रूम के निरिक्षण के लिए और ईवीएम स्ट्रांग रूम की सील, पैकिंग प्रक्रिया का निरीक्षण करने के लिए ईवीएम के साथ जाने की अनुमति दी जाए! 
उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने सभी उमीदवारों की प्रार्थना को नडऱंदाज किया! उन्हें बताया गया कि राज्य निर्वाचन आयुक्त ने ईवीएम सीलिंग की प्रक्रिया का निरीक्षण करने, स्ट्रांग रूम का निरीक्षण करने, स्ट्रांग रूम की सीलिंग के समय उपस्थिति की अनुमति नहीं दी! अधिकारी द्वारा इनकार करने पर सभी उमीदवारों ने इस सम्बन्ध में शिकायतों के साथ  दिनांक 19/12/2016 को राज्य निर्वाचन आयोग से संपर्क किया, परन्तु उनकी लिखित शिकायतों को यहाँ भी किसी न किसी बहाने से उपेक्षित किया गया। दिनांक 20/12/2016 को जनादेश के मतों की ईवीएम सील, गिनती के समय, उमीदवारों को नहीं दिखाई गई! मतों की गिनती कुछ ही पलों में संपन्न हो गई और इस दौरान भी उमीदवारों को विभिन्न बूथों पर हुए निर्वाचित पोल की संख्या नहीं बताई गई। सभी उमीदवारों ने उपरोक्त अन्याय के खिलाफ अविनाश सिंह से समर्थन के लिए संपर्क किया। अविनाश सिंह ने इस संबंध में आरटीआई दायर करने के लिए, जसपाल सिंह आरटीआई कार्यकर्ता को निर्देश दिए।  

  जसपाल सिंह आरटीआई कार्यकर्ता जो वार्ड नं 25 से उम्मीदवार है, उन्होंने सभी उम्मीदवारों की आरटीआई तैयार की और 27/12/2016 को सभी उम्मीदवारों ने वीडियोग्राफी, या सीसीटीवी फुटेज और अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त करने के लिए उनकी आरटीआई एम सी चुनाव 2016 के लिए संबंधित ईवीएम, स्ट्रांग रूम, प्रक्रिया, गिनती के सम्दर्भ में दायर कर राज्य निर्वाचन आयोग को अर्जी दी।  सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 7 (1) के तहत 48 घंटे के भीतर जानकारी की आपूर्ति की उम्मीद थी पर अफसोस ऐसा नहीं किया गया। इन सभी तथ्यों से यह पता चलता है एम सी चुनाव 2016 में कोई पारदर्शिता नहीं थी अपितु यह केवल सत्ता पक्ष बीजेपी का अनुचित अवैध नाटक था ताकि वह आपने शुभचिंतकों को सत्ता सौंप सके और साबित कर सके  कि भारतीय जनता नोटबंदी विमुद्रीकरण, जन विरोधी नीतियों के बावजूद इस सरकार से संतुस्ट है।  संवाददाता सम्मेलन के दौरान अविनाश सिंह, जसपाल सिंह और सभी उम्मीदवारों ने राज्य निर्वाचन आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त भारत, सभी ईमानदार अधिकारियों से अनुरोध किया कि इस एम सी चुनाव 2016 को पूर्ण रूप से अवैध शून्य घोषित किया जाए अन्यथा वह सभी 72 घंटों के बाद न्याय हेतु उच्च  न्यायालय के सामने न्याय हेतु जाने के लिए मजबूर हो जायेंगे! इस संवादाता सम्मेलन में सभी उमीदवारों जिनमें राजेश कुमार (वार्ड 11), रविंदर कुमार (14) दलीप कुमार (23), तरसेम मित्तल (18)सुमन देशवार (12)नरेश चालिया (14)जसपाल सोनी (22)कमलजीत सिंह (14) संजय कुमार (20) परवीन कुमार (19) जसपाल सिंह (25)पूनम (06) कमल कुमार (19) धरमपाल सिंह (11) चरणजीत पाल (26) एच एस नगर (25)अमित शर्मा (26)लेख पाल (24)मलकीत सिंह (25)नेत राम (26) ब्रिज पाल (23) रीना देवी (19) परमिंदर कुमार (24)राकेश कुमार (24)शिव कुमार (24)कमलेश कुमार (20) गुरुदेव यादव (20) पूजा (12) आशा देवी (13) सुचिंदर कुमार (14) ने भी भाग लिया! 

पूर्व [कांग्रेसी] मेयर कमलेश ने भी की शिरकत :

 

 कांग्रेस की वरिष्ठ नेता व निगम चुनाव में प्रत्याशी रही पूर्व महापौर कमलेश ने भी अचानक इस प्रेस कांफ्रेंस में पहुंचकर सबको चौंका दिया। उन्होंने भी निर्दलीय प्रत्याशियों द्वारा उठाई आपत्तियों पर अपनी सहमति जताई व कहा कि इस मसले को ऐसे नहीं जाने देंगे। क्योंकि आगे पांच राज्यों के विस चुनाव हैं और वहां भी इस प्रकार की धांधलियां हो सकती हैं।


<——कांग्रेस आई की पूर्व पार्षद व् पूर्व मेयर कमलेश बनारसी 

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