विस्तार केवल बाहर से ही नहीं, आंतरिक भी हो—सतगुरु सुदीक्षा जी
चंडीगढ़ /पिंपरी (पुणे)– 25 जनवरी 2025: “विस्तार केवल बाहर से ही नहीं, अंतर से भी हो। हर कार्य करते हुए इस निरंकार प्रभु परमात्मा का एहसास किया जा सकता है किन्तु पहले इसकी पहचान होना जरुरी है, इसी को जानकर इंसान अपनी अंतर्मन को आध्यात्मिक आधार दे सकता है।” ये उद्गार सतगुरु माता सुदीक्षा जी…

