पितृ देवो भव: पिता समग्र चराचर जीवन की धूरी : पंडित कृष्ण मेहता
चंडीगढ़:-21 नवंबर:-आरके विक्रमा शर्मा/करण शर्मा प्रस्तुति:—हमारे भारतीय संस्कृति में पिता का स्थान सर्वोच्च माना गया है । सनातन धर्म में पिता को भगवान माना है । ।। पितृ देवो भवः ।। इस पंक्ति का तात्पर्य यह है कि पिता भगवान समान है| हमारा आत्मिक विकास वह आयुष्य का विकास पिता करता है। ज्योतिष शास्त्र में…

