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चंडीगढ़ मंडी रविवार 10 म ई 2026 आरके विक्रमा शर्मा अनिल शारदा रक्षत शर्मा—- धरती पर साक्षात रूप से भगवान शिव यानी मृत्यु के महाकाल महामृत्युंजय भगवान शिव हिमाचल प्रदेश में जिला मंडी में साक्षात विराजमान हैं। यहां भगवान शिव की आदि अनादि काल से साक्षात प्राण प्रतिष्ठित नहीं बल्कि स्वयं-भू प्रगति प्रतिमा दर्शनीय है। कहा जाता है भगवान शिव यहां विराजमान है और एक दिन में पांच बार अपना स्वरूप बदलते हैं जो साक्षात दर्शन किए जाते हैं। भगवान शिव का यहां एकमात्र दर्शन कर लेने से आदमी जन्म मरण से रहित होता है नाना प्रकारके पापों का अंत हो जाता है और भगवान शिव धाम की प्राप्ति होती है भगवान शिव धाम यानी मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहां बहुत ही आस्था भक्ति श्रद्धा और निर्मलता से आया जाता है यहां भगवान शिव के बाएं हाथ मता गौरजा पार्वती महारानी जी और दूसरी और भगवान गानों के पति गणपति गणेश जी विराजमान है यह मंदिर का कब किसने निर्माण किया इसका पूर्णरूप से सही जानकारी तो नहीं है। लेकिन शास्त्रों अनुसार यह मंदिर पांडवों के समय से भी पहले का है मंदिर की निर्माण वास्तुकला देखते ही अनुमान हो जाता है कि कि यह मंदिर बहुत-सी ऐतिहासिकता और पौराणिकता सहित प्राचीनता लिए हुए है। मंदिर भवन के निर्माण में प्रयुक्त पत्थर और बनावट ही इसके पुरातन होने का पुष्ट प्रमाण है।

