मंत्री से संतरी तक सब नाचने गए, नए साहब को नाचने की समझ नहीं
चंडीगढ़/जयपुर: 30 जुलाई:- आरके शर्मा विक्रमा/विन्नी शर्मा एडवोकेट :–– नाम का पंगा *जैसलमेर से बीकानेर बस रुट पर…. बीच में एक बड़ा सा गाँव है जिसका नाम है *नाचने* वहाँ से बस आती है तो लोग कहते है कि *नाचने वाली बस आ गयी..*😎 कंडक्टर भी बस रुकते ही चिल्लाता.. *नाचने वाली सवारियाँ उतर जाएं…

