55वें निरंकारी संत समागम का सफलतापूर्वक समापन
चंडीगढ़/मुम्बई:- 14 फरवरी:- आरके विक्रमा शर्मा+अरुण कौशिक:— ‘‘शाश्वत आनंद की निरोल अवस्था को निरंतर कायम रखने के लिए प्रभु इच्छा को सर्वोपरी मानना होगा। तभी भक्तिमार्ग पर चलते हुए आनंद की अवस्था को प्राप्त किया जा सकता है।‘‘ उक्त उद्गार सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज ने महाराष्ट्र के 55वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के समापन…

