सत्ता सुशासन और धनलोलुपता सुख समृद्धि और मतदाता कितना भागय विधाता
चंडीगढ़:- 12 अगस्त ;आरके विक्रमा शर्मा/ करण शर्मा/ हरीश शर्मा/ राजेश पठानिया/ अनिल शारदा प्रस्तुति:—- देश में राजनीति के समीकरण धन लोलुपता सत्ता सुख निजी स्वार्थों के चलते कदम दर कदम और हर पल नया रूप लेते देखे जा रहे हैं। हर कोई सत्ता सुख की ताड़ में है। जनता यानि मतदाता जाए भाड़ में।…

