मानव शरीर का मालिक कौन ? पांच तत्व, जननी या सृष्टि रचयिता भगवान रचनाकार :–पंडित कृष्ण मेहता
चंडीगढ़:- 18 सितंबर:- अल्फा न्यूज़ इंडिया डेस्क पस्तुति:—* बड़ें भाग मानुष तनु पावा। सुर दुर्लभ सब ग्रंथन्हि गावा॥ साधन धाम मोच्छ कर द्वारा। पाइ न जेहिं परलोक सँवारा॥ भावार्थ:-बड़े भाग्य से यह मनुष्य शरीर मिला है। सब ग्रंथों ने यही कहा है कि यह शरीर देवताओं को भी दुर्लभ है (कठिनता से मिलता है)। यह…

