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दिल्ली : शनिवार 24 अक्टूबर 2026 अल्फा न्यूज़ इंडिया प्रस्तुति —- श्री दिल्ली में शाहदरा के एक स्कूल में 17 वर्षीय लड़की ने खुद को आग लगा ली। जिससे उसकी दर्दनाक मौत होने की शर्मनाक खबर सामने आई | दिल्ली सरकार में भाजपा मंत्री आशीष सूद ने कहा, “पुलिस इस केस की जांच कर रही है। सभी सबूतों को स्कूल ने पुलिस को उपलब्ध कराया है। यह अत्यंत दुखद घटना है। जांच होने के बाद सभी चीजें स्पष्ट होने पर ही सूचित की जाएंगी। उधर, “दिल्ली की अतिरिक्त डीसीपी, शाहदरा गीतांजलि खंडेलवाल ने कहा “हमें एक पीसीआर कॉल मिली थी कि सर्वोदय बाल विद्यालय कृष्णा नगर में एक बच्ची ने खुद को आग लगा ली है। जब मैं, थाने से वहां पहुंची तो देखा कि एक बच्ची जली हुई है। उसे तुरंत अस्पताल लेकर गए। वहां उसे मृत घोषित किया गया। वह बारहवी कक्षा की छात्रा थी। स्कूल से पता चला है कि उसकी 17-18 वर्ष की उम्र थी। क्राइम टीम सभी सबूत इकट्ठा कर रही है उसके बाद ही हम कुछ बता पाएंगे।” दिल्ली में ही इधर आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा, “… आज दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद जो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। उसमें उन्होंने कहा कि हिंदी की मल्हार किताब जो हम ***आम आदमी पार्टी*** ने छपवाई थी। वह ऐ-4 साइज़ की है। उसका साइज़ 21 सेंटीमीटर / 27.6 सेंटीमीटर है। मैं, उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस सुनते ही अपने पड़ोस के सरकारी स्कूल में गया। 8वीं कक्षा के बच्चों से मैंने कहा कि किताब बाहर निकालो और उन्होंने किताब निकाली। तो मैंने उसे नापा और वह किताब 24 सेंटीमीटर / 16.5 सेंटीमीटर थी… इन्होंने 80 जी एस एम के पेपर का टेंडर निकाला है। और इनका कागज 60-65 जीएस एम से ज्यादा का नहीं है… स्कूल के बच्चों ने मुझे बताया है कि अक्टूबर 2026 खत्म होने वाला है। और उन्हें पूरी किताबें अभी तक नहीं मिली हैं… आप (आशीष सूद, भाजपा मंत्री) हम {आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष सौरव भारद्वाज} से बात कीजिए दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा…”। स्थानीय जनता का आक्रोश और रोष यह है कि उक्त आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष सौरव भारद्वाज ने स्कूली छात्रा की दर्दनाक मौत पर कोई बात तक नहीं किया। यह कैसे हो सकता है कि उन्हें किताब के साइज का तो भरपूर जानकारी है लेकिन स्कूली छात्रा की आग लगाकर मौत होने की खबर की जानकारी तक नहीं है। यह मानवीय संवेदनशीलता की पूरी तरह अनदेखी और बेपरवाही नहीं तो और क्या है???? जनता ने सौरभ भारद्वाज को चेताया कि राजनीति अपनी जगह पर है और मानवीय मूल्यों सरोकारों की अपनी महत्ता है इसकी अनदेखी कभी गवारा नहीं होगी।।


