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चंडीगढ़ पंचकूला शनिवार 14 मार्च २०२६ अल्फा न्यूज़ इंडिया प्रस्तुति —-भ्रष्टाचार के एक मामले में कैथल की अदालत ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक उप-निरीक्षक (ASI) बलविन्द्र सिंह को दोषी करार दिया है। माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कैथल की अदालत ने आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 तथा धारा 13(1)(b) सहपठित धारा 13(2) के तहत 4 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी जुर्माना राशि जमा नहीं करता है तो उसे 5 माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता संदीप कुमार ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), अंबाला को शिकायत दी थी कि उसकी माता कृष्णा देवी के खिलाफ दर्ज मुकदमा संख्या 284/2023 (लड़ाई-झगड़े का मामला) की जांच पुलिस चौकी भागल में चल रही थी। आरोप है कि मामले में गिरफ्तारी का दबाव बनाकर ASI बलविन्द्र सिंह ने 60 हजार रुपये रिश्वत वसूल ली थी।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि इसी केस में शिकायतकर्ता के पड़ोसी जयपाल के पुत्रों शेखर और अमन तथा स्वयं शिकायतकर्ता का नाम केस से हटाने के बदले प्रत्येक व्यक्ति से 50-50 हजार रुपये रिश्वत तय की गई थी। इसके लिए आरोपी द्वारा 10 हजार रुपये अग्रिम रिश्वत की मांग की जा रही थी।शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अंबाला की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी ASI बलविन्द्र सिंह को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था।इस मामले में आरोपी के खिलाफ 12 दिसंबर 2023 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं 7, 13(1)(b) सहपठित 13(2) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 384 के तहत थाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अंबाला में केस दर्ज किया गया था।l


