सनातन धर्म में तिलक की परंपरागत महिमामय स्थान

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चंडीगढ़ 24 जनवरी 26 आरके विक्रमा शर्मा अनिल शारदा— सनातन धर्म का अभी भाव सृष्टि सृजन का मूल कारण बना ऐसा आदि अनादि ऋग्वेद की व्याख्या से परिभाषित होता है इस सनातनी वैदिक धर्मसंस्कृति से अनगिनत छोटे-छोटे पंथ संप्रदाय मत आदि का पौधारोपण आज भी जारी है सनातन में हर कर्म के पीछे धर्म मूल में विद्यमान है। सनातनी तिलक क्यों लगाते हैं। सनातनी जानू क्यों पहनते हैं संस्कार क्यों करते हैं। नवजात शिशु का नाम संस्कार क्या होता है हर चीज का मूल रूपसे व्याख्यात्मक वर्णन और महत्व उपयोगिता का बखान है। मस्तक पर तिलक कानों पर तिलक कंठ पर तिलक छाती पर तिलक नाभि पर तिलक आदि क्यों लगाया जाता है। इसीलिए तिलक से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी अल्फा न्यूज़ इंडिया के माध्यम से सुधि पाठकों के लिए प्रस्तुत की गई है।।

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