एक और नदीम बना बोरवेल का प्रिंस, लचर कानून व्यवस्था है जिम्मेवार !! 

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चंडीगढ़/हिसार: 22 मार्च ; आर के शरमा विक्रमा / एनके धीमान ;   हरियाणा में गहरे बोरवेल में कभी गिर कर मौत को ठेंगा दिखाने वाले प्रिंस जैसी किस्मत हर किसी के हिस्से नहीं आती है ! प्रिंस से पहले भी अनेकों प्रिंस मानवीय लापरवाही के चलते खुले मुंह के गटरों और पानी की होदियों [टैंकों] में गिरने से बेमौत का शिकार हुए ये सिलसिला बददसतूर जारी है ! इसी क्रम में हरियाणा के जिला हिसार  के एक गांव में बुधवार शाम घर के बाहर खेल रहा डेढ़ साल का एक मासूम बच्चा नदीम अचानक 60 फुट गहरे बोरवेल में जा गिरा था | जो  कई घंटों तक बोरबेल में फंसा रहा ! जिसे आज शुक्रवार को स्थानीय पुलिस, सेना और एनडीआरएफ की टीमों ने काफी जद्दोजहद के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया|वहीँ बच्चे के बाहर आते ही वहां पहले से ही मौजूद डॉक्टरों की टीम ने उसे फौरन प्राथमिक उपचार दिया | तो उधर बच्चे के सकुशल बाहर आने पर परिजनों की खुशी का कोई ठिकाना न रहा |

गौरतलब है कि नदीम बुधवार शाम बोरबेल में गिर गया था|वहीँ जैसे ही इस घटना की सूचना बच्चे के परिजनों को लगी तो परिवार में हड़कंप मच गया|जिसके बाद यह खबर पूरे इलाके में फैल गई|उधर जब इसकी खबर पुलिस प्रशाशन को मिली तो फौरन पूरी पुलिस टीम समेत कई आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और बच्चे को जल्द से जल्द निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया| जहां यह ऑपरेशन कई घंटों से जारी था, जहां सेना और एनडीआरएफ की टीमें भी मौजूद थी और बच्चे को बाहर निकालने में अपना योगदान दे रहीं थी|  अधिकारियों की एक टीम बताया कि बोरवेल में नाइट विज़न कैमरा डाला गया था|इसके जरिए बच्चे की गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। वहीँ बच्चे को सांस लेने में कोई दिक्कत न हो इसके खातिर बोरवेल में ऑक्सीजन की पाइप भी डाली गई थी।

बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए बोरवेल से 20 फुट दूर इसके समानंतर बोरवेल की खुदाई की गई थी| जहां प्रशासन की योजना दोनों बोरवेल के बीच सुरंग बनाकर बच्चे को बाहर निकालने की थी| वहीँ 20 फुट दूर इसके समानंतर बोरवेल की खुदाई और सुरंग का काम शुक्रवार सुबह पूरा भी गया था लेकिन जो यह सुरंग थी वह बच्चे के बोरवेल तक नहीं पहुंच पाई और थोड़ी बहुत दिशा इधर उधर हो गई|जिससे नदीम तक पहुंचने में मुश्किल हुई। जहां दोबारा फिर बोरवेल और उसका सही तरीके से मिलान करके खुदाई का कार्य शुरू किया गया था। जिसके बाद बच्चे को निकालने में सफलता हासिल हुई|

वहीँ इस घटना के बाद अधिकारीयों का कहना है कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और उस शख्‍स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी जिसने बिना संबंधित विभाग की अनुमति के बोरवेल खुदवाया था। ताकि आगे कोई ऐसी घटना न हो|

      मौके पर अनपढ़ पर सच्चे ग्रामीणों के मुताबिक अगर सख्त  कानून बनाकर उक्त बोरवेलों को खुला छोड़ने वाले बेपरवाहों के ख़िलाफ एक्शन लिया होता उनको सख्त दंड दिया होता, तो न रुकने वाले ये बच्चे  दर्दनाक मौतों के मुंह में कतई न जाते ! हैरत की बात है विदेशों में ऐसा कभी कोई हादसा तक सुनने मे नहीं आया है !

तमाम रेस्क्यू टीमों को गांववाले और नदीम के परिजन खूब आशीषें दे रहे हैं जिनकी बदौलत आज उनकी गोद में उनका लख्ते जिगर महफूज बैठा है ! लेकिन सबकी एकस्वर मांग है कि जिम्मेदार कसूरवार को सख्त सजा दी जाये ! 

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