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कुरुक्षेत्र रविवार 25 अक्टूबर 2026 आरके विक्रमा शर्मा रक्षत शर्मा— पितृ पक्ष श्राद्धों के बाद नवरात्रि पूजन विजयदशमी के साथ सपन्न हुआ। लेकिन कार्तिक मास का अपना महत्व है इस दिन का हर पल प्रभु सिमरन में धर्म कर्मके काम में लगाया जाए तो अति दुर्लभ वरदान प्राप्त होते हैं। इस मास में तीर्थ स्थलों की यात्राएं की जाती है इसी क्रम में श्री हरी सिमरन सेवा संस्था की ओर से कुरुक्षेत्र के दिव्या और मोक्षदाई तीर्थ-स्थलों दक्षिण ब्राह्मण यात्रा स्थान ऑन महादेव और भद्रकाली शक्तिपीठ दर्शनों के बाद चंडीगढ़ वापसी पर सपन्न हुई।। आयोजकों में अग्रणी पूनम कोठारीने बताया कि चंडीगढ़ से प्रातःयात्रा शुरू होकर अंबाला के श्री पंजोखरा साहब गुरुद्वारा करते हुए कुरुक्षेत्र पहुंची। जहां ब्रह्म सरोवर ज्योतिसर सरोवर सनिनत सरोवर और बट वृक्ष के दर्शन किए जहां भगवान श्रीकृष्ण जी ने अर्जुन को भगवत गीताज्ञान दिया था । दोपहर को यात्रियों की बस श्री कृष्ण संग्रहालय के सामने माता जय श्री मार्ग पर स्थित श्री गीता धाम के विशाल परिसर में पधारी। धर्म यात्रा पर निकले सभी यात्रियों ने यहां पर अनेकों देवी देवताओं की भव्य प्रतिमाओं के दर्शन किए। सुव्यवस्थित श्री गीता धाम गायशाला के दर्शन किए। पंचकूला वासी माता लक्ष्मी देवी और पंडित राम कृष्ण शर्मा जी समाज व धर्म सेवियों द्वारा आयोजित अटूट भंडारा का प्रसाद ग्रहण किया। श्री गीता धाम की ओर से सभी यात्रियों को श्री गीता धामकी गौशाला की गायों के दूध दही से बनी पौष्टिक व स्वादिष्ट लस्सी पिलाई गयी। श्री गीता धाम की अन्न कूट पाकशाला की प्रबंधिका दीदी कुसुम जी ने यह सराहनीय व्यवस्था कराई । आज इस अवसर पर सभी धर्म तीर्थ स्थलों की यात्रा कर रहे यात्रियों ने उत्तराखंड शैली में भजन कीर्तन गाए और सभी ने मिलकर खूब नृत्य किया। सनातन धर्म के जयकारे भी गूंजायमान हुए। अगले गंतव्य की ओर प्रस्थान से पूर्व फिर गीता धाम की मौजूदा संचालिका माता सुदर्शन भिक्षु जी महाराज ने सभी के लिए संध्या समय की चाय जलपान की सुव्यवस्था कराई। यात्रा के आयोजकों पूनम कोठारी व सहयोगियों को माता श्री सुदर्शन भिक्षु महाराज जी ने धाम की प्रसादी के रूप में मिठाइयां आदि देते हुए आशीर्वाद के साथ विदा किया।। सभी यात्रियों ने मुक्त कंठ से श्री गीता धाम की सेवा भावना और सुव्यवस्था की प्रशंसा की।

