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चंडीगढ़ सोमवार 19 अक्टूबर 2026 आरके विक्रमा शर्मा अनिल शारदा रक्षत शर्मा प्रस्तुति—-शारदीय नवरात्रि का नवाँ दिन, जिसे महानवमी कहा जाता है, शक्ति की उपासना का चरम रूप है। इस दिन माँ दुर्गा की पूजा संपूर्ण शक्ति और सिद्धि की प्राप्ति के लिए की जाती है। यह तिथि केवल आस्था का नहीं, बल्कि आत्मबल और आध्यात्मिक जागरण का भी पर्व है।महानवमी का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व भी अत्यंत गहरा है। मान्यता है कि इसी दिन माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध कर धर्म की स्थापना की थी। अतः महानवमी का पर्व हमें यह स्मरण कराता है कि जब तक अधर्म और अन्याय का अंत नहीं होता, तब तक साधना अधूरी रहती है।✨ महानवमी का संदेश
शक्ति तभी सार्थक है जब उसका उपयोग संरक्षण और कल्याण के लिए हो।×@×..जीवन में विजय पाने के लिए साहस और धैर्य दोनों आवश्यक हैं।यह दिन हमें प्रेरित करता है कि हम अपने भीतर की शक्तियों को पहचानें और उन्हें सही दिशा दें। 🌼 भावनात्मक दृष्टि से…
महानवमी केवल पूजा का दिन नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर भी है। यह हमें सिखाती है कि हर व्यक्ति के भीतर एक दुर्गा शक्ति विद्यमान है, बस आवश्यकता है उसे जाग्रत करने की। जैसे माँ ने असुरों का नाश किया, वैसे ही हमें अपने भीतर के अहंकार, आलस्य और नकारात्मकता का नाश करना है।🌺 संदेश:—–माँ दुर्गा की नवमी तिथि पर आपका जीवन शक्ति, साहस और सकारात्मकता से भर उठे।
उनकी कृपा से आपके हर कार्य में सफलता और हर राह में प्रकाश बना रहे।🙏 महानवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏🙏🕉️ जय माता दी 🕉️🙏नेचुरोपैथ कौशल जी ने अल्फा न्यूज इंडिया के पाठकों के लिए उपलब्ध कराया.

