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चंडीगढ़ सोमवार 5 अक्टूबर 2026 आर विक्रमा शर्मा रक्षत शर्मा अनिल शारदा– जब खेत की बाड़ ही खेत को खाने लगे तो बड़ी-बड़ी व्यवस्थाओं का बेड़ा गर्क हो जाता है।। बीएसएनल और देश की 16 सरकारी प्रिंटिंग प्रेसों का बेड़ा गर्क किया तो किस सरकार ने क्यों किया है। हजारों घरों में अंधेरा किया लाखों लोगों के पेट पर लात मारी। यह सब कुछ अपनी आंखों के आगे सत्यानाश होते देखना सरकारी कर्मचारियों की लाचारी थी। भारत दूरसंचार निगम को अपाहिज किसी और ने नहीं बल्कि अधिकारियों कर्मचारियों और खुद सरकारों ने किया है। आज बीएसएन एल आख़िरी सांसें गिन रहा है। जो थोड़ी बहुत सर्विस देश का नेटवर्क होने के कारण देशवासियों ने अपनाये रखी है उसको भी भ्रष्टाचारी दीमक खा रही है। सेवाएं अपाहिजों सी सिसकियां ले रही है। बीएसएनल पर फ्रॉड भी ज्यादा है। सरकारी बैंकों को देखें तो भारतीय स्टेट बैंक ने फ्राड केसों में अग्रणी स्थान बनाए रखा है। ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों के खिलाफ आज तक एसबीआई ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं करवाई है। ना प्रभावित पीड़ित उपभोक्ता की सार सुध ली है।। हां बीएसएनल उपभोक्ताओं को सचेत करने का मैसेज भेजने से परहेज़ कभी नहीं करता है। अपना फर्ज ईमानदारी से निभाता है।। “”””ਕੀ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੇ ਨਾਮ ਤੇ ਕਿੰਨੇ ਸਿਮ ਹਨ ਜਾਣਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ?
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ਐਂਡਰਾਇਡ :— “Want to know number of SIMs in your name? Download Sanchar Saathi to check: Android:https://play.google.com/store/apps/details?id=com.dot.app.sancharsaathi iOS: https://apps.apple.com/in/app/sanchar-saathi/id6739700695 Dept of Telecom, Govt of India”।। उपभोक्ताओं को सचेत करते हैं कि ऑनलाइन फ्रॉड से बच कर रहें । बस यह मैसेज भेजा और जिम्मेदारी और जवाब दे ही से तौबा कर ली।। देश को तबाह करने वाले अपने ही भारतीय हैं।


