मां बगलामुखी जयंती पर विशेष ध्यान पूजा अर्चना का महात्म्य है महत्वपूर्ण

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चंडीगढ़ शुक्रवार 24 अप्रैल 2026 आरके विक्रमा शर्मा अनिल शारदा रक्षत शर्मा—- आदि अनादि महाशक्ति स्वरूपिणी मां बगलामुखी की आज बगलामुखी जयंती है। मां बगलामुखी मां षोडशी मां भुवनेश्वरी और मां तारा मां काली सहित सुशोभित है। मां बगलामुखी की शक्ति तांत्रिक शक्तियों के लिए अपना सर्वोच्च सर्वमान्य सर्व संपन्न स्थान रखती है।। श्री सिद्ध बाबा बालक नाथ जी मंदिर के पुजारी ज्योतिषाचार्य पंडित विवेक वशिष्ठ जी से कलमकार आरके विक्रमा शर्मा अल्फा न्यूज़ इंडिया को मिली जानकारी अनुसार मां बगलामुखी वाली आदिशक्ति देवभूमि हिमाचल प्रदेश में विराजमान है। शत्रुनाशिनी माँ बगलामुखी के प्राकट्य दिवस पर पीताम्बरा पीठ दतिया से अभिमंत्रित बगलामुखी कवच धारण करें। मां बगलामुखी जयंती पर शुक्रवार, वैशाख शुक्ल अष्टमी यह बगलमुखी कवच बगलामुखी जयंती पर पीताम्बरा पीठ के मुख्य पुरोहित जी द्वारा अभिमंत्रित किया जाएगा। यह शक्तिशाली कवच आमुक परिवार को हर नकारात्मकता से दूर रखेगा और सफल सुरक्षा करेगा। जो जीवन में नकारात्मकता, विरोध, बाधाओंऔर अस्थिरता का सामना कर रहे हैं और सुरक्षा,सफलता व स्थिरता चाहते हैं। सनातन धर्म में महाविद्याओं को देवी शक्ति के अत्यंत प्रभावशाली स्वरूप माना जाता है। प्रत्येक महाविद्या जीवन के अलग-अलग पहलुओं को संभालती व संचालित करती है। लेकिन जब इन पांच महाविद्याओं की पूजा एक साथ की जाती है। तो उनकी संयुक्त शक्ति अत्यंत प्रभावशाली सिद्ध हो जाती है। जब इन पांचों महाविद्याओं का एक साथ आह्वान किया जाता है, तो यह पूजा केवल एक साधना नहीं रह कर बल्कि यह जीवन के हर क्षेत्र में गहरा प्रभाव डालने वाली शक्ति बन जाती है। यह संयुक्त पूजा उन समस्याओं को भी कम करने में सहायक मानी जाती है, जो लंबे समय से जीवन में बनी हुई हैं। मां बगलामुखी नाना प्रकार की मानसिक और शारीरिक ब्राह्य और आंतरिक सुरक्षा पुष्ट करती है। 10:32 PM

इस महायज्ञ में पांचों महाविद्याओं की पूजा इस प्रकार की जाती है- मां काली – भय, नकारात्मकता और अहंकार को दूर करने वाली।

मां तारा – मार्गदर्शन, सुरक्षा और साहस प्रदान करने वाली। मां षोडशी (त्रिपुरा सुंदरी) – संतुलन और आंतरिक सुख देने वाली।

मां भुवनेश्वरी – स्थिरता, विकास और समृद्धि प्रदान करने वाली। मां बगलामुखी शत्रु बाधाओं को शांत करने और विजय दिलाने वाली। इस विशेष महायज्ञ के माध्यम से नकारात्मक ऊर्जा को कम करने, विरोध को शांत करने और जीवन में सकारात्मकता लाने का प्रयास किया जाता है। यह पूजा व्यक्ति को आंतरिक शक्ति, आत्मविश्वास और स्पष्ट दिशा देने में सहायक मानी जाती है।।

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