दिवेश मोदगिल निगम के 22वे मेयर बने 27 में से 22 मत लेकर ; अल्फ़ा न्यूज इंडिया

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दिवेश मोदगिल निगम के 22वे मेयर बने 27 में से 22 मत लेकर ; अल्फ़ा न्यूज इंडिया 

चंडीगढ़ ; 10  जनवरी; अल्फा न्यूज इंडिया ;——-. चंडीगढ़ बिजनस कॉउंसिल (CBC) एडवाइज़र देवेश मोदगिल के मेयर बनने पर CBC प्रधान नीरज बजाज सहित अन्य सदस्यों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाईयां दी। नीरज बजाज के नेतृत्व में सैकड़ों व्यापारी मंगलवार को विजय जुलूस लेकर देवेश मोदगिल को बधाई देने नगर निगम मेयर कक्ष पहुँच गए। इस दौरान बजाज ने नव निर्वाचित मेयर मोदगिल को भरोसा दिलाया कि हर मोर्चे पर उन्हें सहयोग करेंगे। इस पर मोदगिल ने भी व्यापारियों को सहयोग का भरोसा दिलाया और कहा व्यापारियों को कोई भी समस्या नहीं आने देंगे। ध्यान रहे कि मोदगिल पिछले करीब तीन साल से  चंडीगढ़ बिजनस कॉउंसिल के लीगल एडवाइज़र हैं। 
 
इस दौरान बजाज के साथ चैयरमेन जगदीश अरोड़ा, एचएस गुजराल, अश्वनी कुकरेजा, जागीशपाल कालरा, एलसी अरोड़ा, सुभाष सेठ्ठी, सतपाल गर्ग, बलदेव अग्रवाल, बलदेव गोयल,  शालीन शर्मा, अजय गुप्ता, सुरेंद्र गुलाटी, अजय अरोड़ा, संदीप चौधरी, आत्मप्रकाश सप्रा, एमपीएस आनंद, तेजवीर सिंह, सुखपाल सिंह, सुरेश गोयल, अश्वनी खन्ना, भजन सिंह, अनिल दीवान के अलावा सैकड़ों व्यापारी मौजूद थे।   
ऐसे बने मेयर देवेश मोदगिल;———
चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए चुनाव मंगलवार को नगर निगम कार्यालय में हुआ। यहां 22 वोटों के साथ देवेश मुदगिल चंडीगढ़ नगर निगम के नए मेयर चुने गए हैं। कांग्रेस के देवेश बबला को मिले 5 वोट, किसी एक सदस्य ने क्रॉस वोटिंग की है।वर्तमान मेयर आशा जसवाल ने नामांकन पहले ही वापस ले लिया था। इसके बाद से ही मुदगिल के मेयर बनने का रास्ता साफ हो गया था। सुबह सांसद किरण खेर ने भी मतदान किया। 
वहीं, 21 वोटों के साथ बीजेपी के गुरप्रीत सिंह ढिल्लों बने सीनियर डिप्टी मेयर, 6 वोट कांग्रेस की उम्मीदवार शीला फुल सिंह को मिले, 2 वोटों की हुई क्रॉस वोटिंग।बीजेपी के विनोद अग्रवाल डिप्टी मेयर पद पर विजय हुए। अग्रवाल को 22 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की रविंदर कोर को 4 वोट मिले एक वोट इनवैलिड। 
निगम हाउस में कुल वोट—भाजपा-अकाली-21/कांग्रेस- 4/आजाद-1/स्थानीय सांसद-1[भाजपा सांसद किरनखेर]
 
नौ मनोनीत पार्षद मताधिकार का नहीं कर पाए इस्तेमाल ;—–निगम के इतिहास में पहली बार नौ मनोनीत पार्षद मेयर मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाए। पिछले साल अगस्त में हाईकोर्ट ने मनोनीत पार्षदों के मताधिकार को समाप्त कर दिया था। मनोनीत पार्षदों के समर्थन में प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, लेकिन वहां से भी कोई राहत नहीं मिली है।साभार ;सीएनई 

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