सृष्टि रचयिता स्वास्थ्य रक्षिका मां कूष्मांडा को हरी वस्तुओं का अर्पित भोग अतिप्रिय
सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ।। “अमृत से परिपूरित कलश को धारण करने वाली व कमलपुष्प से युक्त तेजोमय मां कूष्मांडा हमें सब कार्यों में शुभदायी सिद्ध हों”। चंडीगढ़ 6 अक्टूबर आरके विक्रमा शर्मा अनिल शारदा हरीश शर्मा करण शर्मा अश्विनी शर्मा बीरबल शर्मा —कार्तिक मास के नवरात्रों में आज चौथा नवरात्र…

