सरहिंद और चमकौर साहिब की धरा रोती रही काफिर ज़ुल्म करते रहे
चंडीगढ 22 दिसंबर 2025 आरके विक्रमा शर्मा अनिल शारदा हरीश शर्मा अश्वनी शर्मा पंकज राजपूत —- कड़ाके की सर्दी का दिसंबर यानी पौष मास अपने धर्म सखी पंथ के लिए चार सब जाटों ने और माता गुजरी ने अपने प्राणों की हंसते-हंसते इस्लामी मुसलमान के जुल्म ओ सितम निर्दयता सहन करते हुए कुर्बानी दी थी।।…

