गुरु तेग बहादुर तेरा बलिदान नमन करता कृतज्ञ हिंदूस्थान
चंडीगढ़:-28 नवंबर:- अल्फा न्यूज़ इंडिया डेस्क प्रस्तुति:—–बांह जिन्हां दी पकड़िए सिर दीजै बांह न छोड़िए। तेग बहादर बोल्या धर पईए धरम न छोड़िए॥ धर्म कैसे छोड़ दें? हमारी अपनी मजबूरियां हैं साहब!! हमारी आंखों से गुरु तेगबहादुर जी का उतरता शीश, बन्दा बैरागी और भाई मतिदास की चिरती देह, चार साहिबज़ादों की उखड़ती सांसों…

